नवनियुक्त शिक्षकों को बिना आर्थिक शोषण के तत्काल कार्यभार ग्रहण कराने की मांग

प्रातःकाल एक्सप्रेस
फतेहपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश (माध्यमिक संवर्ग) के पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से शिष्टाचार भेंट कर नवनियुक्त प्रधानाचार्यों, प्रवक्ताओं एवं सहायक अध्यापकों को पारदर्शी तरीके से तत्काल कार्यभार ग्रहण कराने की मांग की।
संगठन ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित नवनियुक्त शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराने में किसी तरह की अनावश्यक देरी और आर्थिक शोषण न होने देने की मांग उठाई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप चयनित शिक्षकों को बिना किसी मानसिक एवं आर्थिक परेशानी के विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कराया जाना चाहिए। वार्ता के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक ने संगठन के पदाधिकारियों को बताया कि नवनियुक्त शिक्षकों के शैक्षणिक अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद उनके मूल पते पर डाक के माध्यम से नियुक्ति संबंधी आदेश पत्र भेजे जा रहे हैं। संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों को भी आदेश की प्रति भेजी जा रही है और नवनियुक्त शिक्षकों को बिना विलंब कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन ने डीआईओएस को सौंपे ज्ञापन में कहा कि पूर्व में कार्यालय स्तर अथवा विद्यालय प्रबंधकों द्वारा कार्यभार ग्रहण कराने के नाम पर अनुचित धन उगाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। संगठन ने मांग की कि नवनियुक्त शिक्षकों से किसी भी प्रकार की धन उगाही का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी मांग की कि संबंधित विद्यालय प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि कार्यभार ग्रहण कराने के नाम पर किसी नवनियुक्त शिक्षक से धन की मांग या वसूली न की जाए।
इस दौरान जिला अध्यक्ष पंकज कुमार त्रिपाठी, जिला मंत्री शोभराज सिंह, कोषाध्यक्ष अरविन्द कुमार, सह संगठन मंत्री डॉ. वेद बाजपेई, कमलेश अवस्थी, अजयवीर सिंह लोधी, विजय शंकर सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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