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मच्छरों के प्रजनन स्रोतों पर चलेगा वार, घर-घर दस्तक देगा अभियान डीएम ने ली अफसरों की बैठक, दिए निर्देश 01 से 31 अक्टूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान
प्रातःकाल एक्सप्रेस
लखीमपुर-खीरी, 22 सितंबर। बारिश के बाद मच्छरों के बढ़ते प्रजनन और संचारी रोगों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभाग अब मैदान में उतरेंगे। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जिले में मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को खत्म करने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सघन निगरानी और वेक्टर नियंत्रण गतिविधियां चलेंगी। वहीं 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले दस्तक अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर बुखार समेत अन्य रोगों के लक्षण वाले मरीजों और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जानकारी जुटाएंगे।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान की तैयारियों को लेकर जनपद स्तरीय अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक हुई। पीपीटी के माध्यम से अभियान की कार्ययोजना, विभागवार दायित्व, संवेदनशील क्षेत्रों तथा पूर्व वर्षों में वेक्टर जनित रोगों की स्थिति की समीक्षा की गई।
31 दिन चलेगा विशेष अभियान
विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 से 31 अक्टूबर 2026 तक और दस्तक अभियान 12 से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित होगा। डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग के रूप में संचारी रोगों और दिमागी बुखार के मामलों की निगरानी, विभागों के बीच समन्वय और वेक्टर सर्विलांस सुनिश्चित करेगा। लार्वा स्रोतों को समाप्त करने, लार्वारोधी गतिविधियां चलाने और जरूरत के अनुसार फॉगिंग कराने पर विशेष जोर रहेगा।
27 सितंबर तक देना होगा माइक्रोप्लान
डीएम ने सभी संबंधित विभागों को अपनी कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विभागवार माइक्रोप्लान 27 सितंबर 2026 तक उपलब्ध कराना होगा। अभियान की तैयारियों की अगली जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक भी निर्धारित की गई है। डीएम ने पशुपालन, शिक्षा, पंचायतीराज, कृषि एवं सिंचाई, उद्यान, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा सूचना विभाग को भी अपने-अपने दायित्वों के अनुसार अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नालियां साफ हों, जलभराव तत्काल खत्म कराया जाए
सीडीओ योगानंद पाण्डेय ने नगर निकाय और ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की सफाई, जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी, कूड़ा निस्तारण, झाड़ियों की कटाई, खुले नालों को ढकने और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। हाई रिस्क एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रूप से सघन वेक्टर नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर देंगी दस्तक
सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने कहा कि दस्तक अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी। इस दौरान बुखार, इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस, टीबी, कुष्ठ, फाइलेरिया और कालाजार के लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान की जाएगी। कुपोषित बच्चों तथा घरों के अंदर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की भी जानकारी जुटाई जाएगी।
लखीमपुर-खीरी, 22 सितंबर। बारिश के बाद मच्छरों के बढ़ते प्रजनन और संचारी रोगों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभाग अब मैदान में उतरेंगे। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जिले में मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को खत्म करने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सघन निगरानी और वेक्टर नियंत्रण गतिविधियां चलेंगी। वहीं 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले दस्तक अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर बुखार समेत अन्य रोगों के लक्षण वाले मरीजों और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जानकारी जुटाएंगे।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान की तैयारियों को लेकर जनपद स्तरीय अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक हुई। पीपीटी के माध्यम से अभियान की कार्ययोजना, विभागवार दायित्व, संवेदनशील क्षेत्रों तथा पूर्व वर्षों में वेक्टर जनित रोगों की स्थिति की समीक्षा की गई।
31 दिन चलेगा विशेष अभियान
विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 से 31 अक्टूबर 2026 तक और दस्तक अभियान 12 से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित होगा। डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग के रूप में संचारी रोगों और दिमागी बुखार के मामलों की निगरानी, विभागों के बीच समन्वय और वेक्टर सर्विलांस सुनिश्चित करेगा। लार्वा स्रोतों को समाप्त करने, लार्वारोधी गतिविधियां चलाने और जरूरत के अनुसार फॉगिंग कराने पर विशेष जोर रहेगा।
27 सितंबर तक देना होगा माइक्रोप्लान
डीएम ने सभी संबंधित विभागों को अपनी कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विभागवार माइक्रोप्लान 27 सितंबर 2026 तक उपलब्ध कराना होगा। अभियान की तैयारियों की अगली जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक भी निर्धारित की गई है। डीएम ने पशुपालन, शिक्षा, पंचायतीराज, कृषि एवं सिंचाई, उद्यान, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा सूचना विभाग को भी अपने-अपने दायित्वों के अनुसार अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नालियां साफ हों, जलभराव तत्काल खत्म कराया जाए
सीडीओ योगानंद पाण्डेय ने नगर निकाय और ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की सफाई, जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी, कूड़ा निस्तारण, झाड़ियों की कटाई, खुले नालों को ढकने और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। हाई रिस्क एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रूप से सघन वेक्टर नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर देंगी दस्तक
सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने कहा कि दस्तक अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी। इस दौरान बुखार, इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस, टीबी, कुष्ठ, फाइलेरिया और कालाजार के लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान की जाएगी। कुपोषित बच्चों तथा घरों के अंदर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की भी जानकारी जुटाई जाएगी।