कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कशिया का खंड शिक्षा अधिकारी ने किया औचक निरीक्षण शिक्षण कार्य व उपस्थिति में लापरवाही पर शिक्षिकाओं को सख्त चेतावनी, छात्राओं संग भोजन कर जांची गुणवत्ता

कौशाम्बी। विकास खंड सिराथू अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (के.जी.बी.वी.) कशिया का खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह द्वारा विस्तृत एवं औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक व्यवस्था, विभागीय प्राथमिकताओं तथा आवासीय सुविधाओं की गहन पड़ताल की गई। खंड शिक्षा अधिकारी ने भोजन के समय स्वयं छात्राओं के साथ बैठकर मध्याह्न भोजन ग्रहण किया और भोजन की गुणवत्ता, स्वाद व स्वच्छता की जांच करते हुए रसोई व परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पठन-पाठन की स्थिति का जायजा लेते हुए जब छात्राओं की कार्यपुस्तिकाएं और अभ्यास कॉपियां देखी गईं, तो गणित एवं अंग्रेजी विषय की कॉपियां लंबे समय से अजांची पाई गईं तथा निपुण तालिकाएं भी अपूर्ण मिलीं। इस घोर लापरवाही पर खंड शिक्षा अधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए समस्त शिक्षिकाओं को सख्त चेतावनी दी कि वे अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार लाएं, अन्यथा किसी भी प्रतिकूल विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
वहीं राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा की समीक्षा में पाया गया कि कक्षा 8 की कुल 31 छात्राओं के सापेक्ष अब तक मात्र 7 छात्राओं के ही आवेदन भरवाए गए हैं। इस पर संबंधित कक्षाध्यापकों को शत-प्रतिशत छात्राओं के फॉर्म भरवाने और परीक्षा की नियमित व सुनियोजित तैयारी कराने के कड़े निर्देश दिए गए, साथ ही उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उन्हें इस छात्रवृत्ति परीक्षा के लाभ बताते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय में कुल 100 नामांकित छात्राओं के सापेक्ष मौके पर मात्र 66 छात्राएं ही उपस्थित पाई गईं, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए समस्त शिक्षिकाओं को निर्देश दिया गया कि वे आगामी दो दिनों के भीतर डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाकर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। इसके साथ ही 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर छात्राओं के साथ विशेष परिचर्चा की गई, जिसमें उन्हें ओजोन परत के महत्व, पराबैंगनी किरणों के दुष्प्रभावों तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए जीवन में पर्यावरण अनुकूल आदतें अपनाने का संदेश दिया गया। अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्राओं के शैक्षणिक स्तर और आवासीय व्यवस्था में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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