क्राफ्ट मेला मैदान बना अयोध्या, राम जन्मोत्सव की कथा में झूमे श्रद्धालु मोरारी बापू की भारत स्वस्तिक यात्रा में गूंजा वंदेमातरम, रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य को किया नमन
झांसी। राष्ट्रीय संत मोरारी बापू की भारत स्वस्तिक यात्रा शुक्रवार को झांसी पहुंची। रानी लक्ष्मीबाई दुर्ग की तलहटी स्थित क्राफ्ट मेला मैदान में आयोजित एक दिवसीय रामकथा में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
मोरारी बापू ने कहा कि पति-पत्नी एक-दूसरे से प्रेम और सम्मान करें तथा परमात्मा के प्रति सच्ची श्रद्धा रखें, तो हर घर में राम जैसे संस्कारों वाले बालक जन्म ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि रिश्तों में एक-दूसरे को साधन नहीं, बल्कि साध्य मानना चाहिए। आज परिवारों में प्रेम और करुणा के स्थान पर कपट व ईर्ष्या बढ़ रही है, जिससे रिश्तों में विवाद पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने जीवन में सत्य, अच्छे कर्म और प्रभु भजन को महत्व देते हुए कहा कि रामचरितमानस में जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान मिलता है। भरत जी के राम के प्रति अटूट प्रेम का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भक्त और भगवान के बीच प्रेम में कपट का कोई स्थान नहीं होता।
कथा से पूर्व मोरारी बापू ने रानी लक्ष्मीबाई किले का भ्रमण कर महारानी के शौर्य और बलिदान को नमन किया। राष्ट्रीय ध्वज के समक्ष राष्ट्रगान के बाद कथा मंच पर वंदेमातरम का सामूहिक गायन हुआ। उन्होंने बुंदेलखंड की वीरभूमि और चित्रकूट की पावन धरा को नमन किया।
भारत स्वस्तिक यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति को जोड़ना है। 10 से 23 अक्टूबर तक कन्याकुमारी से कश्मीर तक चल रही इस यात्रा में मोरारी बापू के साथ बड़ी संख्या में सेवादार और श्रद्धालु शामिल हैं। झांसी के बाद यात्रा का अगला पड़ाव मथुरा और फिर कुरुक्षेत्र है।
इस अवसर पर सांसद डॉ. अनुराग शर्मा, पूनम शर्मा, अनुराधा शर्मा, राष्ट्रभक्त संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अंचल अड़जरिया, संतोष दास महाराज सतुआ बाबा, महामंडलेश्वर गोपाल बाबा, मोहन बाबा, मंथन भाई पारीवाल सहित अनेक संत, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।