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कब जिंदगी में लोग काम के मिले... पूरे दूधी के सुखसागर धाम में कवि सम्मेलन में बही साहित्य की रसधार
प्रातःकाल एक्सप्रेस
फोटो 13
प्रतापगढ़। रामगंज क्षेत्र के पूरे दूधी स्थित सुखसागर मैरिज हाल में सुखसागर परोपकार सेवा ट्रस्ट की ओर से गणेश उत्सव के अवसर पर विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के नामचीन कवियों ने विभिन्न विधाओं की रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को राष्ट्रभक्ति, प्रेम और आपसी सद्भाव का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कवि गजेंद्र सिंह विकट की गणेश वंदना से हुआ। गजलकार डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी शाश्वत ने अपनी गजल “कब जिंदगी में लोग काम के मिले, तुम भी मिले तो मुझे फकत नाम के मिले” प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। हरिवंश शुक्ल शौर्य ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचना “सोवत शेर जगावा जी, इतिहास का फिर दोहरावा जी” के माध्यम से श्रोताओं में देशभक्ति का जज्बा जगाया। कवि गजेंद्र सिंह विकट ने बेटियों पर आधारित रचना “बेटियां हैं हमारी लहर की तरह, इनको संभालो जिगर की तरह” सुनाकर नारी शक्ति का संदेश दिया।
अनूप त्रिपाठी ने “राम समझ रहमान समझ ले, धर्म समझ ईमान समझ ले, मंदिर कैसा मस्जिद कैसी, ईश्वर का स्थान समझ ले” जैसी पंक्तियों के माध्यम से आपसी प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया। हास्य कवि बिहारी लाल अंबर ने अपनी हास्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया और गुदगुदाया। वहीं ओज कवि अंजनी अमोघ ने “हम बलिदानियों के उसूल लेकर आए हैं, पुण्य पद चिन्हों की चरण धूल लेकर आए हैं...” के माध्यम से देशभक्ति की भावना जगाई। कैलाशपति मिश्रा ने भी काव्य पाठ किया।
आयोजन समिति की ओर से साहित्यकारों और विशिष्ट लोगों का सारस्वत सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि भागवत भूषण आचार्य संतोष जी महाराज ने कहा कि कवि अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के साथ आपसी प्रेम और सद्भाव बढ़ाने का कार्य करता है। विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने कहा कि देश की आजादी में साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण सह संयोजक अधिवक्ता मोनू पाण्डेय ने दिया। अध्यक्षता संजय शुक्ल ने की, जबकि संचालन अंजनी अमोघ ने किया। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी महेश रहे। संयोजन देवनारायण मिश्र ने किया और आभार प्रदर्शन सह संयोजक गिरजा शंकर मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर रमापति तिवारी, अरविंद शुक्ला, श्याम नारायण मिश्रा, शिव शंकर मिश्र, अनिल तिवारी, नीरज, धीरज, अभिषेक सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।
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प्रतापगढ़। रामगंज क्षेत्र के पूरे दूधी स्थित सुखसागर मैरिज हाल में सुखसागर परोपकार सेवा ट्रस्ट की ओर से गणेश उत्सव के अवसर पर विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के नामचीन कवियों ने विभिन्न विधाओं की रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को राष्ट्रभक्ति, प्रेम और आपसी सद्भाव का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कवि गजेंद्र सिंह विकट की गणेश वंदना से हुआ। गजलकार डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी शाश्वत ने अपनी गजल “कब जिंदगी में लोग काम के मिले, तुम भी मिले तो मुझे फकत नाम के मिले” प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। हरिवंश शुक्ल शौर्य ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचना “सोवत शेर जगावा जी, इतिहास का फिर दोहरावा जी” के माध्यम से श्रोताओं में देशभक्ति का जज्बा जगाया। कवि गजेंद्र सिंह विकट ने बेटियों पर आधारित रचना “बेटियां हैं हमारी लहर की तरह, इनको संभालो जिगर की तरह” सुनाकर नारी शक्ति का संदेश दिया।
अनूप त्रिपाठी ने “राम समझ रहमान समझ ले, धर्म समझ ईमान समझ ले, मंदिर कैसा मस्जिद कैसी, ईश्वर का स्थान समझ ले” जैसी पंक्तियों के माध्यम से आपसी प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया। हास्य कवि बिहारी लाल अंबर ने अपनी हास्य रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया और गुदगुदाया। वहीं ओज कवि अंजनी अमोघ ने “हम बलिदानियों के उसूल लेकर आए हैं, पुण्य पद चिन्हों की चरण धूल लेकर आए हैं...” के माध्यम से देशभक्ति की भावना जगाई। कैलाशपति मिश्रा ने भी काव्य पाठ किया।
आयोजन समिति की ओर से साहित्यकारों और विशिष्ट लोगों का सारस्वत सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि भागवत भूषण आचार्य संतोष जी महाराज ने कहा कि कवि अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के साथ आपसी प्रेम और सद्भाव बढ़ाने का कार्य करता है। विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने कहा कि देश की आजादी में साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण सह संयोजक अधिवक्ता मोनू पाण्डेय ने दिया। अध्यक्षता संजय शुक्ल ने की, जबकि संचालन अंजनी अमोघ ने किया। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी महेश रहे। संयोजन देवनारायण मिश्र ने किया और आभार प्रदर्शन सह संयोजक गिरजा शंकर मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर रमापति तिवारी, अरविंद शुक्ला, श्याम नारायण मिश्रा, शिव शंकर मिश्र, अनिल तिवारी, नीरज, धीरज, अभिषेक सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।