जनपद स्तरीय नवप्रवर्तन प्रदर्शनी का आयोजन, विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
सहारनपुर l जिला विज्ञान क्लब, सहारनपुर के तत्वावधान में शुक्रवार को महाराज सिंह (डिग्री) कॉलेज, सहारनपुर में जनपद स्तरीय नवप्रवर्तन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहित करना, उनके नवाचारों को मंच प्रदान करना तथा आमजन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवप्रवर्तन के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। प्रदर्शनी में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत नवाचारों एवं विज्ञान मॉडलों का निर्णायक मंडल द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। निर्णायक मंडल में प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार डीमरी, विभागाध्यक्ष, भौतिक विज्ञान विभाग, महाराज सिंह कॉलेज, सहारनपुर; प्रोफेसर डॉ. दीपा चौहान, विभागाध्यक्ष, रसायन विज्ञान विभाग, महाराज सिंह कॉलेज, सहारनपुर; प्रोफेसर डॉ. संजय गुप्ता, विभागाध्यक्ष, गणित विभाग, महाराज सिंह कॉलेज, सहारनपुर तथा डॉ. अरुण कुमार त्यागी, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, राजकीय महाविद्यालय, कोटा शामिल रहे।
निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के नवाचारों की मौलिकता, उपयोगिता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा सामाजिक प्रासंगिकता के आधार पर मूल्यांकन किया। प्रदर्शनी में प्रस्तुत नवाचारों ने वैज्ञानिक सोच और स्थानीय समस्याओं के समाधान में नवप्रवर्तन की महत्ता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक जयकरण यादव द्वारा प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा नवाचार एवं वैज्ञानिक सोच को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी
1. प्रथम स्थान: पार्थ
2. द्वितीय स्थान: गौरव
3. तृतीय स्थान: विवेक
सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागी
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट सहभागिता एवं नवाचार के लिए पाँच प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें विश्वास, रितिक, नम्रा, मयंक एवं पलक शामिल रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला समन्वयक अम्बरीश शास्त्री एवं जिला सह-समन्वयक सचिन त्यागी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनके समन्वय, सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सहायता मिली। इस आयोजन के माध्यम से नवप्रवर्तकों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। ऐसे कार्यक्रम नवाचारों को प्रोत्साहन देने, वैज्ञानिक चेतना का प्रसार करने तथा समाज में रचनात्मक एवं समस्या-समाधान आधारित सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।