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इंजीनियरिंग विद्यार्थियों ने जानी विभागों की उपलब्धियां, प्लेसमेंट और करियर की संभावनाएं
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में आयोजित स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के अंतर्गत नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विभिन्न विभागों की शैक्षणिक गतिविधियों, तकनीकी सुविधाओं, प्लेसमेंट, करियर एवं उद्यमिता के अवसरों से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों के लिए वर्चुअल लैब पर विशेष सत्र आयोजित करने के साथ इनोवेशन लैब का भ्रमण भी कराया गया।
कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग से डॉ. प्रियंका पाण्डेय, बायोटेक्नोलॉजी से डॉ. बृजेंद्र कश्यप, फूड इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से डॉ. शुभांगी निगम, मैकेनिकल इंजीनियरिंग से डॉ. सत्येंद्र उपाध्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग से इंजी. शशिकांत वर्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग से इंजी. आशीष स्वर्णकार तथा बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से इंजी. चम्पका ने अपने विभागों की शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रयोगशालाओं, सुविधाओं, संकाय, करियर और उद्यमिता की संभावनाओं की जानकारी दी।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर इंजी. शशिकांत वर्मा ने प्लेसमेंट प्रक्रिया, कंपनियों की भागीदारी और विद्यार्थियों को मिले पैकेज की जानकारी देते हुए कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ रोजगारपरक कौशल विकसित करना जरूरी है। इंजी. अंजली श्रीवास्तव ने वर्चुअल लैब की अवधारणा, उपयोगिता और तकनीकी शिक्षा में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने इनोवेशन लैब का भी भ्रमण किया, जहां इंजी. शशिकांत वर्मा ने उपलब्ध सुविधाओं एवं प्रयोगात्मक ज्ञान के महत्व की जानकारी दी।
इंडक्शन प्रोग्राम समन्वयक इंजी. राजेश वर्मा ने कहा कि इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभागीय संसाधनों, करियर अवसरों और व्यावहारिक ज्ञान से परिचित कर उनके भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने में सहायता करना है।
कार्यक्रम के संचालन में इंजी. राजेश वर्मा, इंजी. विजय वर्मा, डॉ. शुभांगी निगम तथा एकेडमिक कोऑर्डिनेटर इंजी. शशिकांत वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर इंजी. लखन सिंह, डॉ. साक्षी दुबे, डॉ. जितेंद्र वर्मा, इंजी. महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. इकरूप कौर वर्मा और डॉ. रवि कुमार सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग से डॉ. प्रियंका पाण्डेय, बायोटेक्नोलॉजी से डॉ. बृजेंद्र कश्यप, फूड इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से डॉ. शुभांगी निगम, मैकेनिकल इंजीनियरिंग से डॉ. सत्येंद्र उपाध्याय, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग से इंजी. शशिकांत वर्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग से इंजी. आशीष स्वर्णकार तथा बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से इंजी. चम्पका ने अपने विभागों की शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रयोगशालाओं, सुविधाओं, संकाय, करियर और उद्यमिता की संभावनाओं की जानकारी दी।
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर इंजी. शशिकांत वर्मा ने प्लेसमेंट प्रक्रिया, कंपनियों की भागीदारी और विद्यार्थियों को मिले पैकेज की जानकारी देते हुए कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ रोजगारपरक कौशल विकसित करना जरूरी है। इंजी. अंजली श्रीवास्तव ने वर्चुअल लैब की अवधारणा, उपयोगिता और तकनीकी शिक्षा में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने इनोवेशन लैब का भी भ्रमण किया, जहां इंजी. शशिकांत वर्मा ने उपलब्ध सुविधाओं एवं प्रयोगात्मक ज्ञान के महत्व की जानकारी दी।
इंडक्शन प्रोग्राम समन्वयक इंजी. राजेश वर्मा ने कहा कि इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभागीय संसाधनों, करियर अवसरों और व्यावहारिक ज्ञान से परिचित कर उनके भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने में सहायता करना है।
कार्यक्रम के संचालन में इंजी. राजेश वर्मा, इंजी. विजय वर्मा, डॉ. शुभांगी निगम तथा एकेडमिक कोऑर्डिनेटर इंजी. शशिकांत वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर इंजी. लखन सिंह, डॉ. साक्षी दुबे, डॉ. जितेंद्र वर्मा, इंजी. महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. इकरूप कौर वर्मा और डॉ. रवि कुमार सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।