National
एक स्वर में गूंजा ‘वंदे मातरम नमामि भारत’ अभियान के तहत ज्वाला देवी सरस्वती शिशु मंदिर में हुआ सामूहिक गायन राष्ट्रभक्ति से गुंजायमान हुआ विद्यालय परिसर
प्रयागराज। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘नमामि भारतम्’ के अंतर्गत शुक्रवार को ज्वाला देवी सरस्वती शिशु मंदिर सिविल में सामूहिक वंदे मातरम् कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह एवं राष्ट्रभावना के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय के छात्र - छात्राओं , आचार्यगण एवं समस्त विद्यालय परिवार ने एक स्वर में वंदे मातरम् का सामूहिक गान कर राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अर्चना शुक्ला (महिला मोर्चा क्षेत्रीय भाजपा उपाध्यक्ष), राम प्रकाश सिंह (बाल कल्याण समिति के संरक्षक) डीआर एम आफिस में कार्यरत अनूप कुमार पाल उपस्थित रहे। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रहा। वंदे मातरम् भारत की राष्ट्रीय चेतना का अमर स्वर है। यह मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, स्वाभिमान, समर्पण एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करने वाला गीत है। सामूहिक रूप से इसका गायन राष्ट्रीय एकात्मता एवं सांस्कृतिक स्वाभिमान के जागरण का माध्यम बना।
कार्यक्रम में अर्चना शुक्ला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति श्रद्धा एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् ने देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना एवं स्वाभिमान जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित यह सामूहिक गायन नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संघर्ष की गौरवशाली स्मृतियों एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य, कर्मचारी, भैया-बहन एवं अभिभावक उपस्थित रहें। सामूहिक वंदे मातरम् गान के साथ विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से गुंजायमान हो उठा। प्रधानाचार्य इन्द्रजीत त्रिपाठी ने सभी सम्मानित अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में अर्चना शुक्ला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति श्रद्धा एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् ने देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना एवं स्वाभिमान जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित यह सामूहिक गायन नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संघर्ष की गौरवशाली स्मृतियों एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त आचार्य, कर्मचारी, भैया-बहन एवं अभिभावक उपस्थित रहें। सामूहिक वंदे मातरम् गान के साथ विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से गुंजायमान हो उठा। प्रधानाचार्य इन्द्रजीत त्रिपाठी ने सभी सम्मानित अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।