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चिराग पासवान की जेंडर पहचान को लेकर अप्रमाणित टिप्पणी पर कुशल प्रसाद गौरव ने जताई आपत्ति
प्रयागराज/पटना। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की जेंडर पहचान को लेकर सामने आई कथित टिप्पणी पर कुशल प्रसाद गौरव, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय ने आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत पहचान और प्रतिष्ठा के संबंध में बिना प्रमाण के दावे करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक एवं वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत पहचान, गरिमा और निजता को लेकर अपुष्ट दावों को तथ्य के रूप में प्रचारित नहीं किया जाना चाहिए।
प्रमुख बयान : “राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत पहचान और गरिमा पर अप्रमाणित टिप्पणी करना स्वस्थ सार्वजनिक विमर्श नहीं है। संवेदनशील दावों को साझा करने से पहले उनके स्रोत और प्रमाण की पुष्टि की जानी चाहिए।” कुशल प्रसाद गौरव ने मीडिया संस्थानों एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की कि संवेदनशील विषयों से संबंधित किसी भी सूचना को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्य-जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की गरिमा एवं प्रतिष्ठा का सम्मान लोकतांत्रिक मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सार्वजनिक विमर्श में तथ्यपरक एवं जिम्मेदार भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए।
प्रमुख बयान : “राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत पहचान और गरिमा पर अप्रमाणित टिप्पणी करना स्वस्थ सार्वजनिक विमर्श नहीं है। संवेदनशील दावों को साझा करने से पहले उनके स्रोत और प्रमाण की पुष्टि की जानी चाहिए।” कुशल प्रसाद गौरव ने मीडिया संस्थानों एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की कि संवेदनशील विषयों से संबंधित किसी भी सूचना को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्य-जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की गरिमा एवं प्रतिष्ठा का सम्मान लोकतांत्रिक मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सार्वजनिक विमर्श में तथ्यपरक एवं जिम्मेदार भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए।