अस्पताल में ही हो हर प्रसव, घर पर डिलीवरी होने पर सीधे जिम्मेदार होंगे MOIC: डीएम शिवशरणप्पा जीएन

प्रातःकाल एक्सप्रेस
सिद्धार्थनगर, 24 सितम्बर 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं का प्रसव अस्पताल में ही होना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्थिति में घर पर डिलीवरी नहीं होनी चाहिए; ऐसा पाए जाने पर संबंधित एमओआईसी (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी) को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। कम संस्थागत प्रसव कराने वाली आशा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई तथा लापरवाही बरतने वाले सीएचओ, एएनएम और आशाओं को नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। जननी सुरक्षा योजना में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लाभार्थियों का पंजीकरण कराकर तत्काल प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने को कहा गया।
गर्भवती महिलाओं व परिजनों की सहायता के लिए एनबीएसयू/एसएनसीयू और वार रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने तथा सीएमओ व सीएमएस को इसका नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। बीएचएनडी सत्रों में एचआरपी (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) महिलाओं को चिह्नित कर बेहतर इलाज, पोषाहार व दवाएं मुहैया कराने पर जोर दिया गया ताकि नवजात बच्चों में कम वजन की समस्या पर अंकुश लगे।
इसके साथ ही, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाने का लक्ष्य दिया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को समय से खोलने, शुगर व हाइपरटेंशन की गुणवत्तापूर्ण जांच करने और ई-संजीवनी के जरिए टेली-मेडिसिन सेवाओं को विस्तार देने के निर्देश जारी किए गए।
बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और इंसेफेलाइटिस के खतरे को देखते हुए एंटीलार्वा छिड़काव, साफ-सफाई और तेज बुखार वाले मरीजों की त्वरित जांच कराने को कहा गया। डीएम ने सख्त हिदायत दी कि मरीजों को बाहर की दवाएं कतई न लिखी जाएं और इमरजेंसी में रेफरल रजिस्टर सही ढंग से मेंटेन किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सच्चिदानंद उपाध्याय, समस्त एमओआईसी, डैम, डीसीपीएम, बैम, बीपीएम व बीसीपीएम सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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