अल्लाह की इबादत करो गुनाहों से बचो - मौलाना अनवारुल हसन इमाम हजरत हसन असकरी की पैदाइश पर महफिल हुई

प्रातःकाल एक्सप्रेस
फोटो 41 फोटो - महफिल में तकरीर करते मौलाना अनवारुल हसन जैदी।

इटावा। ग्यारहवे इमाम हजरत हसन असकरी की पैदाइश के खुशनुमा मौके पर अली मेहदी की ओर से बाद नमाजे मगरिबैन मस्जिद पंजतनी में महफिल का आयोजन किया गया। महफिल में उपस्थित लोगों ने इमाम की पैदाइश का जश्न मनाया।
महफिल में तकरीर करते हुए मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा नमाज रोजा पर अमल करने से ज्यादा खुदा के हुक्म को समझना सबसे बड़ी इबादत है। इमाम हसन असकरी की उम्र 28 साल थी। इमाम को सामरा बगदाद में जालिम बादशाह ने कैद में रखा। जालिम बादशाह को पता चल गया था कि जब इमाम हसन असकरी उसका तख्त पलट देंगे इसलिए उसने इमाम नकी के घर पहरा लगा दिया था ताकि ग्यारहवें इमाम की पैदायश न हो सके लेकिन अल्लाह के आगे किसी की न चली और इमाम की पैदाइश हुई। इमाम हसन असकरी का जानवर भी हुक्म मानते थे यह बात इंसानों को समझना चाहिए। ग्यारहवें इमाम का पैगाम है कि बिस्मिल्लाह के साथ अपना काम शुरू करने से अल्लाह बरकत अता करता है। अल्लाह की इबादत करो गुनाहों से बचो। हमारे शिया वो हैं जो दीन की हिफाजत करते हैं और एहलैबैत से मोहब्बत करते हैं। नेक इंसान को नेक इंसान से मोहब्बत करना चाहिए। सच बोलना, अमानत में खयानत न करना। महफिल में अली मेहदी, सलीम रजा, तनवीर हसन, सलमान रिजवी ने कलाम पेश किये।महफिल में अल्हाज कमर अब्बास नकवी करबलाई, मोहम्मद अब्बास, मोम्मद मियां, शावेज नकवी, हसन समर अब्बास नकवी, दबीरुल हसन अब्बास, तहसीन रजा, अयाज हुसैन, अश्शू रिजवी, सफीर हैदर, शहजादे, राजा, जहूर नकवी, मोहम्मद जुनैद, अहद, अलीशान, वली अहमद आदि ने भाग लिया।
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