अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा तथा रबी फसल के लिए खाद बीज की उपलब्धता कराने की मांग
कोरांव प्रयागराज। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (अ.भ.खेग्रामस) और अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कोरांव तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चले इस प्रदर्शन में मिर्जापुर बांध का पानी अचानक खोलने से आई बाढ़ की तबाही के मुआवजे की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी कोरांव ठाकुर प्रसाद को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।प्रदर्शन के दौरान खेग्रामस के जिला प्रभारी कामरेड पंचम लाल ने कहा कि मजदूर और किसान देश की रीढ़ हैं। किसान अन्नदाता हैं और मजदूर देश को चलाते हैं, लेकिन सरकार उन्हें लगातार लाचार बनाने की कोशिश कर रही है। लगातार बारिश और बांध का पानी एकाएक खोलने से नदियों और नालों में बाढ़ आ गई, जिससे पूरे इलाके में भारी तबाही हुई।कोरांव तहसील में कई पुल और खड़ंजे टूट गए, जिससे आपसी संपर्क टूट गया। कई मकान ढह गए, बिजली के पोल गिरे और फसलें तबाह हो गईं। उन्होंने बताया कि बच्चों की पढ़ाई, बीमार व्यक्तियों का इलाज और जानवरों की दुर्दशा को भी अनदेखा कर दिया गया। सरकार और प्रशासन कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान करने के बजाय सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। ज्ञापन में कई मांगें रखी गईं। इनमें हर परिवार को 30 किलो राशन और 5000 रुपए तुरंत देने, मकान और अन्य नुकसान का पूरा मुआवजा देने, पूरी तरह ढहे मकानों वाले हर परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने की मांग शामिल है। इसके अलावा, बाढ़ से नष्ट हुई फसल का उचित मुआवजा और रबी की फसल के लिए बीज व खाद की व्यवस्था करने की भी मांग की गई। बाढ़ पीड़ितों के सभी कर्ज माफ करने और उनके इलाज की गारंटी देने, साथ ही बिजली बिल माफ कर 200 यूनिट फ्री बिजली की गारंटी देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण बड़े प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। इस प्रदर्शन में कामरेड पंचम लाल के साथ कामरेड कमला शंकर, किसान नेता कामता प्रसाद सिंह, राम जतन, प्रेमावती, जयराजी, राजकुमारी और गेंदलाल गांधी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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