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अखबारी कागज को GST मुक्त करने की मांग, प्रेस परिषद से प्रभावी कार्रवाई का आग्रह पूर्व सदस्य अशोक कुमार नवरत्न ने अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को भेजा प्रत्यावेदन
प्रातःकाल एक्सप्रेस
नई दिल्ली। भारतीय प्रेस परिषद की 13वीं परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार नवरत्न ने समाचार पत्रों और पत्रकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रेस परिषद की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को प्रत्यावेदन भेजा है। उन्होंने छोटे एवं मझौले समाचार पत्रों के हित में अखबारी कागज को GST मुक्त करने की मांग सहित परिषद के पूर्व निर्णयों के क्रियान्वयन की मांग उठाई है।
नवरत्न ने प्रत्यावेदन में कहा कि भारतीय प्रेस परिषद की 12वीं परिषद द्वारा केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) की विज्ञापन नीति और GST से संबंधित लिए गए निर्णयों को लागू कराने के लिए वह परिषद को कई बार पत्र भेज चुके हैं, लेकिन उनके अनुसार अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने परिषद से पूर्व निर्णयों को प्रभावी रूप से लागू कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
आर्थिक संकट से जूझ रहे समाचार पत्र
नवरत्न ने कहा कि भारतीय प्रेस परिषद का गठन समाचार पत्रों एवं पत्रकारों के हितों के संरक्षण तथा पत्रकारिता के उच्च मानक बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। वर्तमान में समाचार पत्र आर्थिक दबावों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में परिषद को समाचार पत्रों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने के लिए विशेष बैठक आयोजित करनी चाहिए।
पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया
प्रत्यावेदन में पत्रकारों की सुरक्षा, पत्रकारों की हत्याओं और लंबे समय से सामने आ रही उत्पीड़न की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया गया है। नवरत्न ने कहा कि पत्रकारों और समाचार पत्रों के अस्तित्व से जुड़े विषयों पर प्रेस परिषद को सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों और पत्रकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में परिषद को अपने निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
GST काउंसिल के समक्ष अखबारी कागज का मुद्दा उठाने की मांग
अशोक कुमार नवरत्न ने 7 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित GST काउंसिल की बैठक का उल्लेख करते हुए मांग की कि छोटे एवं मझौले समाचार पत्रों के लिए इस्तेमाल होने वाले अखबारी कागज को कर-मुक्त किए जाने के विषय पर विचार कराने के लिए प्रेस परिषद आवश्यक पहल करे। उन्होंने प्रेस परिषद की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई से समाचार पत्रों के प्रकाशकों और पत्रकारों के हित में उठाए गए इन मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई करने तथा संबंधित संस्तुतियों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
नई दिल्ली। भारतीय प्रेस परिषद की 13वीं परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार नवरत्न ने समाचार पत्रों और पत्रकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रेस परिषद की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को प्रत्यावेदन भेजा है। उन्होंने छोटे एवं मझौले समाचार पत्रों के हित में अखबारी कागज को GST मुक्त करने की मांग सहित परिषद के पूर्व निर्णयों के क्रियान्वयन की मांग उठाई है।
नवरत्न ने प्रत्यावेदन में कहा कि भारतीय प्रेस परिषद की 12वीं परिषद द्वारा केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) की विज्ञापन नीति और GST से संबंधित लिए गए निर्णयों को लागू कराने के लिए वह परिषद को कई बार पत्र भेज चुके हैं, लेकिन उनके अनुसार अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने परिषद से पूर्व निर्णयों को प्रभावी रूप से लागू कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
आर्थिक संकट से जूझ रहे समाचार पत्र
नवरत्न ने कहा कि भारतीय प्रेस परिषद का गठन समाचार पत्रों एवं पत्रकारों के हितों के संरक्षण तथा पत्रकारिता के उच्च मानक बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। वर्तमान में समाचार पत्र आर्थिक दबावों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में परिषद को समाचार पत्रों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने के लिए विशेष बैठक आयोजित करनी चाहिए।
पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया
प्रत्यावेदन में पत्रकारों की सुरक्षा, पत्रकारों की हत्याओं और लंबे समय से सामने आ रही उत्पीड़न की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया गया है। नवरत्न ने कहा कि पत्रकारों और समाचार पत्रों के अस्तित्व से जुड़े विषयों पर प्रेस परिषद को सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों और पत्रकारों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में परिषद को अपने निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
GST काउंसिल के समक्ष अखबारी कागज का मुद्दा उठाने की मांग
अशोक कुमार नवरत्न ने 7 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित GST काउंसिल की बैठक का उल्लेख करते हुए मांग की कि छोटे एवं मझौले समाचार पत्रों के लिए इस्तेमाल होने वाले अखबारी कागज को कर-मुक्त किए जाने के विषय पर विचार कराने के लिए प्रेस परिषद आवश्यक पहल करे। उन्होंने प्रेस परिषद की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई से समाचार पत्रों के प्रकाशकों और पत्रकारों के हित में उठाए गए इन मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई करने तथा संबंधित संस्तुतियों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।