National
अखबारी कागज को GST मुक्त करने की मांग, प्रेस परिषद की भूमिका पर उठे सवाल
नई दिल्ली। भारतीय प्रेस परिषद की 13वीं परिषद के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार नवरत्न ने समाचार पत्रों और पत्रकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर भारतीय प्रेस परिषद की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को प्रत्यावेदन भेजा है। उन्होंने छोटे एवं मझौले समाचार पत्रों के हित में अखबारी कागज को जीएसटी से मुक्त करने तथा परिषद के पूर्व निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
भारतीय प्रेस परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर अशोक कुमार नवरत्न का नाम 13वीं परिषद के सदस्यों की सूची में दर्ज है। वहीं, अप्रैल 2026 की सरकारी अधिसूचना के अनुसार न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को तीन वर्ष के लिए फिर से प्रेस परिषद का अध्यक्ष नामित किया गया है।
पूर्व निर्णयों को लागू कराने की मांग
नवरत्न ने अपने प्रत्यावेदन में कहा है कि भारतीय प्रेस परिषद की 12वीं परिषद द्वारा केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC) की विज्ञापन नीति और जीएसटी से संबंधित लिए गए निर्णयों को लागू कराने के लिए वह परिषद को कई बार पत्र भेज चुके हैं, लेकिन उनके अनुसार अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने प्रेस परिषद से अपने पूर्व निर्णयों और संस्तुतियों को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
आर्थिक संकट से गुजर रहे समाचार पत्र
नवरत्न ने कहा कि समाचार पत्रों, विशेषकर छोटे और मझौले प्रकाशनों के सामने बढ़ती लागत और आर्थिक दबाव गंभीर विषय है। ऐसे में प्रेस परिषद को समाचार पत्र उद्योग की मौजूदा स्थिति पर विशेष बैठक आयोजित कर चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों और पत्रकारों के अस्तित्व से जुड़े मुद्दों पर परिषद को अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभानी चाहिए।
पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया
प्रत्यावेदन में पत्रकारों की सुरक्षा और पत्रकारों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया गया है। नवरत्न ने पत्रकारों से जुड़े मामलों में प्रेस परिषद की सक्रिय भूमिका की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों और समाचार पत्रों से जुड़े विषयों पर संवैधानिक संस्था को अपने निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
7 अक्टूबर की GST काउंसिल बैठक का दिया हवाला
नवरत्न ने अपने प्रत्यावेदन में 7 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित जीएसटी काउंसिल की बैठक का उल्लेख करते हुए मांग की है कि छोटे एवं मझौले समाचार पत्रों के लिए इस्तेमाल होने वाले अखबारी कागज को जीएसटी से मुक्त किए जाने के मुद्दे पर विचार कराने के लिए प्रेस परिषद आवश्यक पहल करे।
7 अक्टूबर 2026 को जीएसटी काउंसिल की बैठक निर्धारित होने की जानकारी हालिया रिपोर्टों में भी दी गई है। जीएसटी काउंसिल जीएसटी से संबंधित वस्तुओं और सेवाओं को कर से छूट देने तथा जीएसटी दरों से जुड़े विषयों पर केंद्र और राज्यों को सिफारिशें करती है।
प्रकाशकों और पत्रकारों के हित में कार्रवाई का आग्रह
अशोक कुमार नवरत्न ने प्रेस परिषद की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई से आग्रह किया है कि समाचार पत्रों एवं पत्रकारों के हितों से जुड़े इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रभावी और आवश्यक कार्रवाई की जाए।