9वें राष्ट्रीय पोषण माह का कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ भव्य समापन डीएम शैलेष कुमार ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, मुख्य सेविकाओं एवं सीडीपीओ के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना कर किया सम्मानित
भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद में पोषण एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों की समीक्षा की गई तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों का बेहतर स्वास्थ्य और पोषण स्वस्थ समाज की आधारशिला है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, मुख्य सेविकाओं एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी कार्मिकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पोषण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को अभियान तक सीमित न रखते हुए निरंतर प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कुपोषण की रोकथाम, बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक पूरी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने पात्र लाभार्थियों तक शासन द्वारा संचालित स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीडीपीओ, मुख्य सेविकाओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही ‘समर्थध्कस्तूरबा बेटी’ कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित बच्चों के अभिभावकों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण अभियान की सफलता जनभागीदारी एवं विभागीय समन्वय से ही संभव है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण संबंधी गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए तथा प्रत्येक पात्र महिला एवं बच्चे तक स्वास्थ्य, पोषण एवं देखभाल संबंधी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों का बेहतर स्वास्थ्य और पोषण स्वस्थ समाज की आधारशिला है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, मुख्य सेविकाओं एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी कार्मिकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पोषण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को अभियान तक सीमित न रखते हुए निरंतर प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कुपोषण की रोकथाम, बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक पूरी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने पात्र लाभार्थियों तक शासन द्वारा संचालित स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीडीपीओ, मुख्य सेविकाओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही ‘समर्थध्कस्तूरबा बेटी’ कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित बच्चों के अभिभावकों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण अभियान की सफलता जनभागीदारी एवं विभागीय समन्वय से ही संभव है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण संबंधी गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए तथा प्रत्येक पात्र महिला एवं बच्चे तक स्वास्थ्य, पोषण एवं देखभाल संबंधी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविकाएं एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।