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10 दिन के सत्याग्रह के बाद विधायक सरिता भदौरिया के प्रयास से मिली बड़ी राहत, ग्रामीणों में खुशी
इटावा। बढ़पुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत शेखपुर जखौली में रेलवे लाइन के किनारे दीवार खड़ी होने से जलभराव और आवागमन की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। सदर विधायक सरिता भदौरिया की मांग पर रेल मंत्री ने शेखपुर जखौली में अंडरपास निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है। स्वीकृति मिलने की जानकारी से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। गांव में रेलवे लाइन के किनारे रास्ता बंद होने और जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने 13 अगस्त से 22 अगस्त तक 13 दिन सत्याग्रह किया था। ग्रामीणों ने ‘रास्ता दो या मौत’ के नारे के साथ आंदोलन शुरू किया था। सत्याग्रह के दौरान सदर विधायक सरिता भदौरिया मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों से वार्ता कर भरोसा दिलाया था कि वह स्वयं भारत सरकार के रेल मंत्री से मुलाकात कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेंगी। विधायक के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने 22 अगस्त को अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था। इसके बाद विधायक ने जिला प्रशासन से अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव तैयार कराया और उसे लेकर दिल्ली पहुंचीं। रेल मंत्री के समक्ष शेखपुर जखौली की समस्या रखते हुए अंडरपास निर्माण की मांग की गई। अब रेल मंत्री की ओर से अंडरपास निर्माण को स्वीकृति मिलने के बाद लंबे समय से चली आ रही ग्रामीणों की मांग पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है। अंडरपास की स्वीकृति मिलने पर भाजपा नेताओं ने रेल मंत्री का आभार जताते हुए विधायक सरिता भदौरिया को धन्यवाद दिया। युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष संजू चौधरी, जिला महामंत्री सागर दुबे, मत्स्य प्रकोष्ठ जिला संयोजक ओमरतन कश्यप, व्यापार प्रकोष्ठ जिला सहसंयोजक अजय गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य सचिन यादव, मंडल अध्यक्ष अभिषेक तिवारी, व्यापारी नेता विनीत कुमार पांडे, किसान मोर्चा जिला मंत्री अशोक सिंह चौहान टीटू, इकदिल नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अभिषेक गोयल, चंदन पोरवाल, आशीष मिश्रा, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला उपाध्यक्ष राजीव कुमार पाल, चितभवन के पूर्व प्रधान मंजू अवस्थी, एडवोकेट अमित तिवारी, मुकेश दुबे और आशीष दत्त तिवारी सहित अन्य नेताओं ने खुशी जताई। भाजपा नेताओं ने कहा कि अंडरपास बनने से शेखपुर जखौली के ग्रामीणों को जलभराव और आवागमन की समस्या से राहत मिलेगी। लंबे समय से चली आ रही मांग पर स्वीकृति मिलने को ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।