Wednesday, May 13, 2026
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Parvez Alam

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गिलहरी और तोता: एक लघु संवाद (आज सुबह लिखी गयी कविता)

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गिलहरी और तोता: एक लघु संवाद (आज सुबह लिखी गयी कविता) वट-वृक्ष की शीतल छाया में, बैठे थे दो प्राणी चुपचाप— एक चंचला चपल गिलहरी, दूजा हरा-पीला तोता आप। थाली...

“बदलते मौसम, टूटती औरतें”,”सूखे खेत, खाली रसोई और थकी औरतें”

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"बदलते मौसम, टूटती औरतें","सूखे खेत, खाली रसोई और थकी औरतें" गांव की औरतें, जलवायु की मार: बीजिंग रिपोर्ट की चेतावनी "पानी, पेट और पहचान की लड़ाई:...

जाति की जंजीरें: आज़ादी के बाद भी मानसिक गुलामी

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जाति की जंजीरें: आज़ादी के बाद भी मानसिक गुलामी आस्था पेशाब तक पिला देती है, जाति पानी तक नहीं पीने देती। कैसे लोग अंधभक्ति में बाबा...

“जयंती का शोर, विचारों से ग़ैरहाज़िरी””जयंती का शोर, विचारों से ग़ैरहाज़िरी”

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"जयंती का शोर, विचारों से ग़ैरहाज़िरी"  प्रियंका सौरभ हर चौक-चौराहे पर अब, सजती है एक माला, बाबा साहब की तस्वीरें, और सस्ती सी दीवाला। नेता भाषण झाड़ रहा...

बाबा साहेब की विरासत पर सत्ता की सियासत, जयंती या सत्ता...

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"जयंती का शोर, विचारों से ग़ैरहाज़िरी",  "मूर्ति की पूजा, विचारों की हत्या", "हाथ में माला, मन में पाखंड"  बाबा साहेब की विरासत पर...

सरकारी स्कूलों को बन्द करने की बजाय उनका रुतबा बढ़ाये।

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सरकारी स्कूलों को बन्द करने की बजाय उनका रुतबा बढ़ाये। भारत में सरकारी स्कूल सामाजिक समानता और शिक्षा के अधिकार के प्रतीक हैं, लेकिन बजट...

ज्योतिबा फुले: क्रांति की मशाल

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ज्योतिबा फुले: क्रांति की मशाल समर्पित—ज्योतिराव फूले, जिन्होंने समाज को आँखें दीं। -प्रियंका सौरभ धूप थी अज्ञान की, अंधकार था घना, उग आया फूले-सा एक सूर्य अनमना। ज्योति बनी...

ज्योतिबा फुले का भारत बनाना अभी बाकी है”

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(नया भारत और फुले का सपना) "ज्योतिबा फुले का भारत बनाना अभी बाकी है" फुले केवल उन्नीसवीं सदी के समाज सुधारक नहीं थे, बल्कि वे आज...

मोबाइल की कैद

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मोबाइल की कैद मोबाइल ने छीन ली, हँसी-खुशी की बात। घर के भीतर भी नहीं, दिल से कोई साथ।। पिता लगे संदेश में, माँ का व्यस्त है...

मीडिया, स्त्री और सनसनी: क्या हम न्याय कर पा रहे हैं?

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मीडिया, स्त्री और सनसनी: क्या हम न्याय कर पा रहे हैं? "धोखे की खबरें बिकती हैं, लेकिन विश्वास की कहानियाँ दबा दी जाती हैं —...