Wednesday, May 13, 2026
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Parvez Alam

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समर कैंप से बच्चों के व्यक्तित्व का होता है विकास :...

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प्रयागराज। गुरुकुल मोंटेसरी स्कूल शांतिपुरम, फाफामऊ प्रयागराज में 14 दिवसीय समर कैंप का भव्य शुभारंभ विद्यालय के अध्यक्ष पूर्व आईपीएस कृपाशंकर सिंह ने किया।...

टीवी पर लाहौर जीत लिया, ज़मीन पर आँसू बहा दिए

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टीवी पर लाहौर जीत लिया, ज़मीन पर आँसू बहा दिए — जब राष्ट्रवाद स्क्रीन पर चमकता है और असली ज़िंदगी में धुंधला पड़ जाता है। न्यूज़...

अभी तो मेंहदी सूखी भी न थी

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"अभी तो मेंहदी सूखी भी न थी" — पहलगाँव हमले पर एक कविता अभी तो हाथों से उसका मेंहदी का रंग भी नहीं छूटा था, कलाईयों में...

पहलगाम की चीख़ें

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पहलगाम की चीख़ें जब बर्फ़ीली घाटी में ख़ून बहा, तब दिल्ली में सिर्फ़ ट्वीट हुआ। गोलियाँ चलीं थी सरहद पार से, पर बहस चली—"गलती किसकी है सरकार से?" जो...

शब्दों से पहले चुप्पियाँ थीं

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शब्दों से पहले चुप्पियाँ थीं — प्रियंका सौरभ शब्दों से पहले चुप्पियाँ थीं, सिलवटों में सिसकती बेटियाँ थीं। किताबों में दर्ज़ थीं उम्मीदें, मगर दीवारों में बंद इज़्ज़त की...

विनाश के पाँच तोप: शिक्षा से तहसील तक

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विनाश के पाँच तोप: शिक्षा से तहसील तक  शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, थाना और तहसील जैसे पाँच संस्थानों की विफलता गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षा...

चौंच भर प्यास

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"चौंच भर प्यास" — चुपचाप मरते परिंदों की पुकार पर एक कविता कोई पानी रख दे, कटोरे में भरकर, मैं भी जी लूं ज़रा, इस तपते शहर...

कोई पानी डाल दे तो मैं भी चौंच भर पीलूं: चुपचाप...

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कोई पानी डाल दे तो मैं भी चौंच भर पीलूं: चुपचाप मरते परिंदों की पुकार तेज़ होती गर्मी, घटते जलस्रोत और बढ़ती कंक्रीट संरचनाओं के...

प्राइवेट स्कूल का मास्टर: सम्मान से दूर, सिस्टम का मज़दूर

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चॉक से चुभता शोषण: प्राइवेट स्कूल का मास्टर और उसकी गूंगी पीड़ा। "प्राइवेट स्कूल का मास्टर: सम्मान से दूर, सिस्टम का मज़दूर" प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों...

“गोबर, गुस्सा और विश्वविद्यालय की गिरती गरिमा”

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"गोबर, गुस्सा और विश्वविद्यालय की गिरती गरिमा" गोबर का जवाब: जब शिक्षा की दीवारों पर गुस्सा पुता हो। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा क्लासरूम और प्रिंसिपल...