वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद खान के तर्कों के आधार पर मिली जमानत
FATEHPUR NEWS: जनपद के खखरेरू थाना क्षेत्र में दर्ज धर्मांतरण, दुष्कर्म और धमकी के चर्चित मामले में आरोपी मन्सूर अहमद को जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-2 अशोक कुमार XII की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उसे एक लाख रुपये के निजी मुचलके तथा समान धनराशि की दो जमानतें दाखिल करने की शर्त पर रिहा किए जाने का आदेश दिया है। मामला थाना खखरेरू में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 84/2026 से संबंधित है, जिसमें आरोपी मन्सूर अहमद के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 351(3), 67 बीएनएस तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार पीड़िता की मां ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उनकी पुत्री को प्रेमजाल में फंसाकर उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए तथा उन्हें वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था। जिसकी पुष्टि पीड़िता ने भी अपने बयान अंतर्गत धारा 180 व 183 बीएनएसएस में किया है। वहीं बचाव पक्ष की ओर से विद्वान अधिवक्ता जावेद खान द्वारा अदालत में दलील दी गई कि आरोपी को राजनीतिक एवं व्यक्तिगत द्वेष के चलते झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि कथित पीड़िता बालिग है और मामले में कई तथ्यों की निष्पक्ष जांच नहीं की गई। आरोपी की ओर से यह भी तर्क रखा गया कि उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर और बाद में दिए गए प्रार्थना पत्रों में कई विरोधाभास हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद माना कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जमानत का लाभ दिया जा सकता है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जमानत आदेश मामले के अंतिम निर्णय को प्रभावित नहीं करेगा और आरोपी को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। उल्लेखनीय है कि आरोपी मन्सूर अहमद 27 अप्रैल 2026 से जिला कारागार में निरुद्ध था। वहीं विद्वान अधिवक्ता के तर्कों के आधार पर सुनवाई के उपरांत अदालत के आदेश के बाद उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।







