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स्वाध्याय मंडल में सीपीसी आदेश 21 के निष्पादन एवं विक्रय प्रावधानों पर चर्चा

अधिवक्ता परिषद द्वारा आयोजित हुआ कार्यक्रम
PRATAPGARH NEWS: अधिवक्ता परिषद अवध प्रतापगढ़ ईकाई के आयोजकत्व में जिला बार एसोसिएशन के सभागार में परिषद के अध्यक्ष मनोज सिंह की अध्यक्षता व महामंत्री शिवेश कुमार शुक्ल के संचालन में प्रक्रियात्मक कानून सीपीसी 1908 के आदेश 21 के तहत निष्पादन और विक्रय विषय पर ‘स्वाध्याय मंडल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अधिवक्ता पारिजात मिश्र ने कहा कि सिविल न्यायालय द्वारा पारित डिक्री को प्रभावी रूप से लागू करने की प्रक्रिया को निष्पादन कहा जाता है।आदेश-21 में डिक्री एवं आदेशों के निष्पादन से संबंधित विस्तृत प्रावधान दिए गए हैं, जिन्हें सिविल न्याय व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। उन्होंने इस दौरान विशेष रूप से आदेश-21 के नियम 64 से 94 तक की चर्चा की गई, जिनमें संपत्ति की कुर्की, विक्रय, नीलामी की उद्घोषणा तथा विक्रय की पुष्टि जैसी प्रक्रियाएँ शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय केवल उतनी ही संपत्ति के विक्रय का आदेश दे सकता है जितनी डिक्री की संतुष्टि के लिए आवश्यक हो। इस दौरान सार्वजनिक नीलामी की उद्घोषणा, विक्रय की वैधता तथा आदेश-21 नियम 66 और नियम 92 के व्यावहारिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि यदि विक्रय के विरुद्ध कोई वैध आपत्ति स्वीकार नहीं की जाती है, तो न्यायालय विक्रय की पुष्टि कर उसे अंतिम रूप प्रदान करता है। सर्वोच्च न्यायालय एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि निष्पादन की कार्यवाही मात्र औपचारिकता नहीं, बल्कि न्याय प्राप्ति की अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। इस मौके पर परिषद के अवध प्रांत के उपाध्यक्ष अनिल दुबे,मंत्री अजय कुमार त्रिपाठी,सीएनसी सदस्य किरण बाला सिंह, जिला बार के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह,महामंत्री रविंद्र सिंह मंटू ने भी अपने – अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला बार के उपाध्यक्ष अतुल सिंह, परिषद के उपाध्यक्ष जया शर्मा,मंत्री विनीत शुक्ल, कोषाध्यक्ष भारत लाल, सक्रिय सदस्य उदित गिरी, सदस्य पंकज चौधरी,विजय गुप्ता, मंत्री रूपनारायण,आकाश गुप्ता,मंत्री कुलवंत शर्मा,विश्वनाथ त्रिपाठी, इंद्र कुमार सिंह दीपू, विनोद शर्मा, जयशंकर सहित आदि अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।