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सूरज को भी चढ़ा बुखार तेज गर्मी से लोगों के शरीर का ताप हो रहा अनियंत्रित

अस्पतालों में मरीजों की भरमार, डाॅक्टर बाहर न निकलने की दे रहे सलाह

PRAYAGRAJ NEWS: (विकास गुप्ता) थोड़ा सा बुखार चढ़ जाए तो शरीर का सिस्टम डांवाडोल होना शुरू हो जाता है। वहीं बुखार तेजी पकड़ ले तो डाॅक्टर के पास जाने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। लेकिन अगर यही बुखार सूरज को चढ़ जाए तो उसका उपचार कैसे और कौन करे ? यह अपने आप में बड़ा सवाल है। जी हां, कुछ ऐसा ही बुखार इन दिनो सूरज को चढ़ा हुआ है। जिसका उपचार फिलहाल किसी के पास नहीं है। बुखार सूरज को चढ़ा है और परेशानी आम जनता को हो रही है। आंकड़े बता रहे हैं कि सूरज की तपिश मनुष्य के शरीर के साधारण तापमान से कहीं ज्यादा है। जिससे लोगों के बीमार पड़ने से अस्पतालों के बाहर लाइन लगी हुई है।
शरीर के तापमान से ज्यादा सूरज का तापमान
प्रयागराज में इन दिनो दिन का तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। लगातार पड़ने वाली भीषण गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रेगिस्तान की गर्मी और प्रयागराज की गर्माहट में कोई ज्यादा फर्क नहीं बचा है। यह तपिश लोगों के शरीर के साधारण तापमान से कहीं अधिक है। बता दें कि मनुष्य के शरीर का साधारण तापमान 98.6 डिग्री फारेनहाईट होता है जोकि जनपद में पड़ रही गर्मी के 37 डिग्री सेल्सियस के बराबर होता है। वहीं अगर लोगों के शरीर का तापमान बढ़कर 104 डिग्री फारेनहाईट पर पहुंच जाए तो डाॅक्टर के पास जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
सड़कों पर कोमा जैसे हालात
मालूम हो कि 1 डिग्री सेल्सियस 33.8 डिग्री फारेनहाईट के बराबर होता है। इसके बाद प्रत्येक 1 डिग्री सेल्सियस में 1.8 डिग्री फारेनहाईट जोड़ते जाईये। आपको स्वतः अंदाजा लग जाएगा कि वर्तमान में कितने डिग्री फारेनहाईट का सूरज को चढ़ा बुखार लोगों के लिए जानलेवा बना हुआ है। मतलब कि अगर प्रयागराज में इन दिनो 45 डिग्री सेल्सियस का तापमान चल रहा है तो यह 113 डिग्री फारेनहाईट के बराबर होगा। जिससे पता चलता है कि सड़कों पर कोमा जैसे हालात में जाने की स्थिति बनी हुई है। हाल यह है कि शरीर में पानी की कमी, सिरदर्द, बेहोशी जैसी हालत में लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। डाॅक्टर लोगों को लगातार घरों से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं।
ये हैं दिलचस्प आंकड़ें
37 डिग्री सेल्सियस बराबर 98.6 डिग्री फारेनहाईट
38 डिग्री सेल्सियस बराबर 100.4 डिग्री फारेनहाईट
39 डिग्री सेल्सियस बराबर 102.2 डिग्री फारेनहाईट
40 डिग्री सेल्सियस बराबर 104 डिग्री फारेनहाईट
41 डिग्री सेल्सियस बराबर 105.8 डिग्री फारेनहाईट
42 डिग्री सेल्सियस बराबर 107.6 डिग्री फारेनहाईट
43 डिग्री सेल्सियस बराबर 109.4 डिग्री फारेनहाईट
44 डिग्री सेल्सियस बराबर 111.2 डिग्री फारेनहाईट
45 डिग्री सेल्सियस बराबर 113 डिग्री फारेनहाईट
मनुष्य के सिर के पीछे वाले भाग में हाईपोथैलमस सिस्टम होता है। जिससे शरीर का ताप नियंत्रित होता है। इसके अनियंत्रित होने पर लोग गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। वर्तमान में हीट वेव इतने खतरनाक स्तर पर जा पहुंचा है कि थर्मोरेगुलेटरी सेंटर के फेल होने पर लीवर फेल हो सकता है या लोग हाई फीवर की चपेट में आ जाएंगे।
(प्रोफेसर बीएन मिश्र, पूर्व विभागाध्यक्ष इलाहाबाद यूनिवर्सिटी)
पहाड़ से मैदान की ओर बहने वाली हवाएं बेहद गर्म हैं। चूंकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के मध्यवर्तीय भाग में बसा प्रयागराज गंगा यमुना का मैदानी इलाका है। इस वजह से यहां इतनी अधिक गर्म पड़ रही है। भयावह गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छत पर रखी पानी की टंकी के पानी से यदि कोई हांथ धुल ले तो उसे फफोले भी पड़ सकते हैं। हमारे अस्पताल में रोजाना बड़ी तादात में मरीज आ रहे हैं।
(डाॅक्टर संजय सिंह, फिजिशियन बेली हास्पिटल)