Home उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को मिले प्रतीकात्मक कार्ड

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, शिक्षकों को मिले प्रतीकात्मक कार्ड

वाराणसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया योजना का शुभारंभ

फतेहपुर में मंत्री कृष्णा पासवान व डीएम निधि गुप्ता वत्स ने वितरित किए कार्ड       

डीबीटी के माध्यम से 1.85 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई ₹1200 की धनराशि

FATEHPUR NEWS: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का जनपदीय सजीव प्रसारण फतेहपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया, जहां राज्यमंत्री (पशुधन एवं दुग्ध विकास) कृष्णा पासवान, जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स, मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों के लिए प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का शुभारंभ किया। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग, स्वेटर और स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए। इसके अलावा लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू भी किया गया। जनपद स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने दीप प्रज्ज्वलित एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक स्वरूप दिया। अपने संबोधन में राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, वार्डनों एवं अन्य संविदा कर्मियों को इस योजना में शामिल कर उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विद्यालयों को कायाकल्प योजना के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है और शिक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज उपलब्ध होगा। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि सभी पात्र कर्मचारी शीघ्र पंजीकरण कराकर योजना का लाभ लें। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के अभिभावकों को डीबीटी से प्राप्त धनराशि का उपयोग ड्रेस, जूते-मोजे, स्कूल बैग एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री पर ही सुनिश्चित कराया जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रिन्सी मौर्या ने बताया कि जनपद में इस योजना के तहत बेसिक शिक्षा विभाग के 7061 शिक्षक, 2469 शिक्षामित्र, 273 अनुदेशक, 5704 रसोइया, 88 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय स्टाफ, 34 आईटी शिक्षक सहित माध्यमिक शिक्षा विभाग के सहायता प्राप्त विद्यालयों के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी लाभान्वित होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत 30 शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया, आईटी शिक्षक एवं वार्डनों तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के 10 शिक्षकों को राज्यमंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए। इसी क्रम में जनपद के परिषदीय विद्यालयों में नामांकित 2,03,679 विद्यार्थियों में से 1,85,105 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये की धनराशि स्थानांतरित की गई। कार्यक्रम के अंत में शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने राज्यमंत्री कृष्णा पासवान को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया, जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।