100 रुपये से अधिक सामान पर अनिवार्य प्रक्रिया, छोटे व्यापार और आम लोगों पर बढ़ा असर
SIDHARTHNAGAR NEWS: भारत-नेपाल सीमा के बढ़नी-कृष्णानगर बॉर्डर पर नेपाल की ओर से सख्ती बढ़ा दी गई है। अब भारत से नेपाल ले जाए जाने वाले 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर अनिवार्य रूप से भंसार (कस्टम प्रक्रिया) कराना पड़ रहा है। बिना भंसार कराए सामान ले जाने वालों को बॉर्डर से ही वापस किया जा रहा है। नेपाल प्रशासन द्वारा मुख्य मार्ग से आवागमन और कस्टम जांच को अनिवार्य किए जाने के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पहले जहां स्थानीय लोग छोटे रास्तों से आसानी से दैनिक उपयोग के सामान लेकर आते-जाते थे, वहीं अब उन्हें मुख्य बॉर्डर मार्ग से होकर ही गुजरना पड़ रहा है। इससे समय और खर्च दोनों में बढ़ोतरी हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस सख्ती का असर सीधे तौर पर उनकी दिनचर्या पर पड़ा है। गोविंद राम ने बताया कि 1500 रुपये का मिक्सर लेकर नेपाल जाते समय उन्हें भंसार न होने के कारण लौटा दिया गया। रमेश कुमा ने कहा कि बढ़नी बाजार से सामान लेकर छोटे रास्ते से जाने पर नेपाल पुलिस ने रोक दिया और मुख्य मार्ग से भंसार कराने के बाद ही जाने को कहा। सनोज शर्मा का कहना है कि पहले खाने-पीने और रोजमर्रा के सामान को लेकर इतनी सख्ती नहीं थी, लेकिन अब हर सामान पर जांच की जा रही है। नसीम अहमद ने बताया कि कृष्णानगर बॉर्डर पर परिवार के साथ होने के बावजूद उन्हें मुख्य मार्ग से जाने और भंसार कराने के निर्देश दिए गए, जिससे असुविधा बढ़ी। बढ़नी बाजार के व्यापारियों का कहना है कि नेपाल की इस सख्ती से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। नेपाल से आने वाले ग्राहकों की संख्या घट रही है, जिससे बिक्री प्रभावित हो रही है। व्यापारियों ने छोटे स्तर के व्यापार के लिए राहत या सरल व्यवस्था की मांग की है। कृष्णानगर भंसार कार्यालय के कस्टम ऑफिसर मयंक कुमार कर्ण ने बताया कि 100 रुपये से अधिक मूल्य का सामान ले जाने पर भंसार कराना अनिवार्य है और इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया नियम नहीं, बल्कि पहले से लागू कानून है, जिसका अब कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।







