एकाग्रता के साथ आगे बढ़ते हुए लक्ष्यों को प्राप्त करें रू सुष्मिता कानूनगो
जेटी में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न
PRAYAGRAJ NEWS: जगत तारन गोल्डेन जुबली स्कूल, प्रयागराज (जेटी) ने अपने विद्यार्थियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को पहचानने और सम्मानित करने के लिए विद्यालय प्रेक्षागृह रवीन्द्रालय में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन आज किया। यह कार्यक्रम उत्साह, सराहना और शैक्षिक उत्कृष्टता के उत्सव से परिपूर्ण एक गौरवपूर्ण एवं यादगार अवसर रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनोद कुमार सिंह सिटी मजिस्ट्रेट थे। जगत तारन एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष प्रदीप मुखर्जीय उपाध्यक्ष प्रो. आशीम मुखर्जीय सचिव संजीव चंदा, कोषाध्यक्ष शंकर चटर्जी, प्रबंधक अमित कुमार नियोगी, सदस्य अंजन पालित एवं सुब्रतो सेन, विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सुष्मिता कानूनगो भी उपस्थित थी। विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें समग्र टॉपर, विषयवार टॉपर तथा 100ः उपस्थिति प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं शामिल थे। विशेष रूप से 100ः उपस्थिति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी उनके निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए सम्मानित किया गया। इन उपलब्धियों की सराहना अतिथियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने की। कार्यक्रम का संचालन सुश्री स्नेहा जैन ने किया। संस्था अध्यक्ष प्रदीप मुखर्जी ने विद्यार्थियों को निरंतर प्रगति करने और सीखना कभी न छोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को अपनी असफलताओं से सीखने, समयनिष्ठ रहने तथा शिक्षा प्रक्रिया का महत्व समझने की सलाह दी। उन्होंने नैतिकता, जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व के महत्व पर भी बल दिया तथा अभिभावकों से आग्रह किया कि वह अपने बच्चों को अनुशासित, निरंतर और सकारात्मक बनने के लिए प्रेरित करें तथा बदलते परिवेश के अनुरूप स्वयं को ढालें। प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो ने कहा कि आत्मचिंतन एक ऐसी महत्वपूर्ण विशेषता है जिसे प्रत्येक व्यक्ति को विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकाग्रता के साथ आगे बढ़ते हुए छोटे-छोटे लक्ष्यों को प्राप्त करना ही व्यक्ति को सफल और समाज का आदर्श नागरिक बनाता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ऐसे कार्यक्रम एक समर्पित टीम के सहयोग और संस्थान के मूल्यों के प्रति निष्ठा के कारण ही संभव हो पाते हैं।







