वृक्ष संरक्षण, नदी संवर्धन और गौ सेवा को बताया मानव जीवन का आधार
JHANSI NEWS: नौ कुंडीय श्रीरामचरितमानस महायज्ञ के तृतीय दिवस आयोजित रामकथा में संत-महात्माओं ने विश्व कल्याण के लिए वृक्षों के संरक्षण, नदियों के संवर्धन और गौ सेवा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती मिथिलेश्वरी जी (उरई, जालौन) द्वारा श्रीरामचरितमानस के मधुर पाठ एवं भजन-कीर्तन से हुआ। इसके पश्चात शशिभूषण दास महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि गौ सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। उन्होंने कहा कि जन्म देने वाली मां के बाद यदि कोई जीवनदायिनी है तो वह गौ माता है, जो मानव समाज के लिए अमृततुल्य है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह गौ संरक्षण और गौ सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाए। कामदगिरि पीठ, चित्रकूट धाम के डॉ. श्री मदन गोपाल दास जी महाराज ने कहा कि यदि विश्व का कल्याण करना है तो यज्ञ, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वातावरण की शुद्धता और पवित्रता बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना और वृक्षों का संरक्षण करना अनिवार्य है। साथ ही उन्होंने नदियों को जीवन की धारा बताते हुए उनके संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक नदियां स्वच्छ और सुरक्षित नहीं रहेंगी, तब तक मानव जीवन में शुद्धता और विश्व के समग्र विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। साध्वी अमृतानंदमयी (मानस समीक्षक) ने श्रीरामचरितमानस में माता सीता के त्याग, तप, धैर्य और परिवार के प्रति समर्पण का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि आज की मातृशक्ति को माता सीता के आदर्शों से प्रेरणा लेकर परिवार और समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। समापन अवसर पर प्रातः स्मरणीय जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज, कामदगिरि पीठाधीश्वर, चित्रकूट धाम ने भगवान श्रीराम के बाल्यकाल के आदर्श चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम ने बचपन से ही मर्यादा, अनुशासन, गुरु आज्ञा पालन और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का सम्पूर्ण जीवन सत्य, न्याय और धर्म की विजय का प्रतीक है तथा प्रत्येक व्यक्ति को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन अनूप शास्त्री (चित्रकूट धाम) ने किया। इस अवसर पर सुरेंद्र तिवारी, सुरेश तिवारी, पूरन सिंह, डॉ. विवेक वर्मा, स्वर्णकार कैलाश शर्मा, अनुराग यादव (अन्नू), सुशील कुमार चतुर्वेदी, आकाश राय, मनोज अग्रवाल, हल्कू महाराज, रमेश चंद्र द्विवेदी, महावीर शरण वशिष्ठ, पार्षद रितिका गौरव तिवारी, पार्षद उमेश जोशी, श्रीमती उषा शिव कुमार खरे, सुशील द्विवेदी, सोवेन्द्र सिंह सेंगर, नीरज शास्त्री, अंकित शुक्ला, मोहित रावत, नीरज शर्मा, राकेश, अश्वनी अवस्थी, पंडित विवेक महाराज, पुजारी जी सहित श्री कामतानाथ नरसिंह धाम सिद्ध आश्रम सेवा समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।







