Home उत्तर प्रदेश ठेकेदार की लापरवाही ने सड़क को बनाया ‘डेथ ट्रैक

ठेकेदार की लापरवाही ने सड़क को बनाया ‘डेथ ट्रैक

नाला निर्माण बना मुसीबत, सड़क पर मिट्टी के ढेर और खुले गड्डों से हर पल हादसे का खतरा

JHANSI NEWS: शहर में विकास कार्यों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। सीपरी बाजार क्षेत्र के मसिहागंज चौकी से नंदनपुरा शिवपुरी मार्ग तक चल रहा नाला निर्माण कार्य अब लोगों के लिए सुविधा नहीं बल्कि भारी परेशानी और खतरे का कारण बन चुका है। निर्माण कार्य में बरती जा रही घोर लापरवाही से क्षेत्रवासी आक्रोशित हैं और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार नाला निर्माण के लिए सड़क किनारे गहरी खुदाई की गई और उसमें से निकली मिट्टी को हटाने के बजाय सड़क पर ही फैला दिया गया। हालत यह है कि सड़क के दोनों किनारों पर मिट्टी के ऊंचे ढेर जमा हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है और वाहनों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को हो रही है, जिन्हें हर समय दुर्घटना का डर सताता रहता है। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नाला निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन ठेकेदार द्वारा नाले के किनारों को मिट्टी डालकर समतल नहीं किया गया। इससे सड़क के किनारे गहरे और खतरनाक गड्ढे खुले पड़े हैं। बारिश या अंधेरे के समय यह स्थिति और ज्यादा जानलेवा हो जाती है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि रात में बिना किसी चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर के खुले पड़े नाले किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से किया जा रहा है। कई दिनों तक सड़क खोदकर छोड़ दी जाती है और फिर काम बंद हो जाता है। इस लापरवाही के कारण पूरे इलाके में धूल और गंदगी का साम्राज्य फैल गया है। दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर मिट्टी उड़ने से व्यापार प्रभावित हो रहा है और ग्राहक भी आने से कतराने लगे हैं। वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को हर दिन जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कई बाइक सवार मिट्टी में फिसलकर गिर चुके हैं और छोटे-मोटे हादसे लगातार हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो ठेकेदार कोई सुधार कर रहा है और न ही संबंधित विभाग कार्रवाई करता दिखाई दे रहा है। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी को केवल काम दिखाने और भुगतान लेने की चिंता है, जबकि जनता की सुरक्षा और सुविधा पूरी तरह नजरअंदाज की जा रही है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण कार्य जनता की सुविधा के लिए कराया जा रहा है तो फिर सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा? क्या विभाग किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते सड़क से मिट्टी नहीं हटाई गई, नालों के किनारों को समतल नहीं किया गया और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।  अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी जनता की परेशानी को गंभीरता से लेते हैं या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल औपचारिक कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेंगे।