JHANSI NEWS: वरिष्ठ अधिवक्ता बी.एल. भास्कर ने जिलाधिकारी झांसी को प्रार्थना पत्र देकर मौजा लिहरगिर्द आलाघाट स्थित आराजी संख्या 756 एवं 757 पर हो रहे कथित अवैध निर्माण की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि उक्त भूमि झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) की महानगर योजना में 45 मीटर चौड़े मार्ग, मनोरंजन सुविधाओं एवं क्षेत्रीय पार्क के लिए आरक्षित दर्ज है, फिर भी बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य किया गया है। बी.एल. भास्कर के अनुसार उन्होंने वर्ष 2024 में आराजी संख्या 757 के एक हिस्से में 1250 वर्ग फुट का प्लॉट क्रय किया था। निर्माण से पूर्व जेडीए से भू-उपयोग की जानकारी मांगी गई थी, जिस पर नगर नियोजक द्वारा 17 सितंबर 2024 को जारी पत्र में भूमि के आरक्षित होने की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने निर्माण कार्य नहीं कराया। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि संबंधित भूमि पर कुछ व्यक्तियों द्वारा बिना वैध स्वामित्व एवं बिना सीमांकन के दो मंजिला भवन का निर्माण कर लिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में जेडीए, नगर निगम, नगर आयुक्त तथा जिलाधिकारी कार्यालय को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। भास्कर ने यह भी बताया कि जेडीए द्वारा 11 जून 2025 को थाना सीपरी बाजार को निर्माण रोकने के लिए पत्र भेजा गया था, किंतु इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा और भवन तैयार हो गया। उन्होंने प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, भूमि का सीमांकन तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।







