यूनानी इतिहास का हैरोडोटस के अनुसार फेडिप्पिडिस (यूनानी धावक) नाम का धावक जो मैराथन से एथेन्स 490 ई०पू०में युद्ध की खबर देने पूरे रास्ते बिना रूके दौड़ा और सभा में प्रवेश कर के बोला नेनि के कामेन अर्थात हम जीत गये और फिर गिर पडा तथा मर गया।
प्रथम ओलम्पिक मैराथन के विजेता स्पिरिडोन स्पिरोस लुईस जो कि एक यूनानी मिश्ती थे, ने 10 अप्रैल, 1896 को 2 घंटे, 58 मि0, 50 से० में पूरा किया था।
इन्दिरा मैराथन की पृष्ठभूमि
प्रयागराज की पावन भूमि पर अखिल भारतीय इन्दिरा मैराथन दौड़ का आयोजन देश की पूर्व प्रधानमन्त्री भारत रत्न स्व० श्रीमती इन्दिरा गाँधी जी की स्मृति में उनके जन्म दिवस 19 नवम्बर को पुरूष एवं महिला मैराथन कराने का निर्णय खेल विभाग उ०प्र० द्वारा सन् 1985 को लिया गया था । प्रथम मैराथन जो 1985 में कराई गई थी। उसमें स्व० राजीव गाँधी जी के कर कमलों द्वारा पुरस्कार अमिताभ बच्चन र्पोट्स काम्पलेक्स म्योहाल, प्रयागराज में वितरित किये गये थे। इन्दिरा मैराथन का आयोजन सफलता पूर्वक किया जा रहा है।
A. मैराथन दूरी एवं मार्ग-
अखिल भारतीय इन्दिरा मैराथन में पुरुषों और महिलाओं के लिए 42.195 कि०मी० दूरी निर्धारित है। मैराथन प्रत्येक वर्ष 19 नवम्बर को खेल विभाग, उ०प्र० एवं जिला प्रशासन द्वारा कराया जाता है। वर्तमान में आनन्द भवन से रेस प्रारम्भ होकर तेलियरगंज, म्योहाल चौराहा, हाईकोर्ट, हनुमान मन्दिर, सी०एम०पी० डिग्री कालेज, बैहराना नये ब्रिज को पार करके महेवा रोड तिराहे, मामा भांजा चौराहा, दादूपुर (भारत पेट्रोलियम) से मुड़कर उसी मार्ग से वापस स्टेडियम में समाप्त होती है। जिसमें देश भर से अनेक खिलाड़ी भाग लेते है। पूरी दुनिया में हर साल 500 मैराथन दौड़ आयोजित होती है जिसमें अधिकाश धावक शौकिया होते है। इसमें इन्दिरा मैराथन भी स्थान रखती है।
B-एथलेटिक्स संघ उ०प्र०:-
1.एथलेटिक्स संघ व जिला प्रशासन एवं खेल विभाग, उ०प्र० के सहयोग से आयोजित होने वाली अखिल भारतीय न्दिरा मैराथन की भव्यता लोकप्रियता एवं तकन्नड्रींकी दृष्टि से सम्पन्न होने के फलस्वरूप भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन द्वारा राष्ट्रीय महिला एवं पुरूष टीम का चयन भी इसी इन्दिरा मैराथन के आधार पर करने लगे एवं अपने योग्य एवं तकनीकी ऑफिसियल्स को इस भव्य आयोजन में लगातार इसकी निष्पक्षता को बरकरार रखने में पूर्ण योगदान संघ द्वारा दिया जा रहा है।
3. मैराथन दौड़ की व्यवस्थांएः-
जिला प्रशासन एवं खेल विभाग के तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस मैराथन को सही एवं सुचारू रूप से र्निविवाद सम्पन्न कराने के लिए खेल विभाग द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार व्यवस्थाएँ कराई जाती हैं। साथ ही साथ विभिन्न विभागों एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों / संस्थाओं द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया जाता है। उक्त सहयोग के फलस्वरूप इन्दिरा मैराथन देश भर में आयोजित होने वाली मैराथनों में अपना उच्चकोटि का स्थान रखती है।
खिलाडियों की सहभागिताः-
अखिल भारतीय इंदिरा मैराथन की बढ़ती हुई लोकप्रियता भव्यता एवं दी जा रही उच्च स्तरीय सुविधाओं के कारण पूरे देश के धावक / धाविकाओं को अपनी ओर आकर्षित किया है। जिस कारण देश के कई राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धावक / धाविकायें ने विजेता होने का गौरव प्राप्त किये है। इस मैराथन में सर्वश्रेष्ठ श्री स्वरूप सिंह एवं महिला वर्ग में सत्यभाना ने प्रदार्शन किया है, मैराथन में मैरों सिंह लोने, ने छःबार विजेता रहे हैं एवं श्री लाल जी यादव, श्री बी०एस०धोनी अर्न्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने मैराथन में प्रतिभाग कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।
महिला मैराथन में प्रथम बार विजेता रही कु० रचना गोविल, अर्जुन एवार्डी से लेकर कु० चारू लता, कु० निलम्मा एल, कु० एच० संगनी देवी, कु० शुकन्या मल, कु० अनीसा देवी एवं छःबार की विजेता रही कु० ज्योति शंकर गवते ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। कु०सुधा सिंह, ओलम्पियन ने वर्ष 2022-23 में प्रतिभाग करते हुए विजेता रहीं।
इसके साथ ही साथ पुलिस, पी०ए०सी०एयर फोर्स, मिलेट्री, इण्डियन रेलवे, पैरा मिलेट्री फोर्स के धावकों ने भी इस प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।
5. मैराथन दौड़ में पुरस्कार राशि की बढ़ोत्तरी :-

खेल विभाग द्वारा अखिल भारतीय प्राइजमनी इन्दिरा मैराथन पुरुष / महिला दोनों वर्गों के विजेता खिलाड़ियों को प्रथम पुरस्कार-रू0 2,00,000/- द्वितीय पुरस्कार रू0 1,00,000/- तृतीय पुरस्कार रू० 40,000/- एवं 11-11 सांत्वना पुरस्कार रू0 10,000/- प्रति खिलाड़ी, कुल-रू० 9.00 लाख की धनराशि नगद पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाती है। मैराथन के तृतीय स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को खेल विभाग, उ०प्र०द्वारा अनुमन्य धनराशि रू0 40,000/- कम होने के कारण प्रशासन स्तर पर लिये गये निर्णय के अनुसार जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति से रू0 35,000/- की धनराशि अनुमन्य करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को कुल रू0 75,000/- की धनराशि दोनों वर्गों में दी जाती है।
इन जगहों पर रोड यातायात रहेगा अवरुद्ध
आनन्द भवन से तेलियरगंज, म्योहाल, धोबी घाट चौराहा, हीरा हलवाई चौराहा, डी०आई० जी० आफिस, चौराहा, केशरी नाथ त्रिपाठी चौराहा, ए०जी०आफिस चौराहा, साई मंदिर चौराहा, इन्दिरा गाँधी चौरहा, पोलो ग्राउण्ड चौराहा, हाई कोर्ट चौराहा, हनुमान मंदिर चौराहा, गिरजाघर चौराहा, काफी हाउस, पैलेस, सुभाष चौराहा, बिग बजार चौराहा, रोडवेज चौराहा, कस्टम आफिस चौराहा, हनुमान मंदिर चौराहा, तक प्रातः 6.00 बजे से 8.15 बजे तक
2-सी०ए०वी० इं० कालेज, पन्ना लाल रोड, स्वरूपरानी मार्ग, मेडिकल चौराहा, के० पी० कालेज गेट, सी०एम०पी० डाटपुल, देहाती रसगुल्ला, बैरहना चौराहा, बैरहना नया पुल तिराहा, नया पुल चुंगी के आगे चौराहा, महेवा गेट तिराहा, बड़ौदा ग्रामीण बैंक, रीवा रोड़, चाका ब्लाक के पास, नन्द किशोर पी०जी० कालेज चौराहा, उमर गंज मामा भान्जा तालाब, भलरा चौराहा, दादूपुर से पहले, भारत पेट्रोल पम्प के 20 मी० आगे (मैराथन वापसी स्थल) दादूपुर रीवा रोड़ के पास तक प्रातः 6.00 बजे से 11.00 बजे तक ।







