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एमएम हॉस्पिटल में 6 किलो की बच्ची का सुरक्षित नॉर्मल प्रसव, चिकित्सकों ने किया कमाल

डॉ. खुशबू सिंह की कुशल देखरेख में महिला ने दिया स्वस्थ बच्ची को जन्म, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित
FATEHPUR NEWS: “जाको राखे साईंया मार सके न कोय” कहावत उस समय एक बार फिर चरितार्थ होती नजर आई, जब शहर स्थित एमएम हॉस्पिटल की महिला चिकित्सक डॉ. खुशबू सिंह की कुशल देखरेख में एक महिला ने करीब छह किलो वजन की बच्ची को सुरक्षित रूप से सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) के जरिए जन्म दिया। चुनौतीपूर्ण माने जा रहे इस प्रसव के सफल होने के बाद अस्पताल प्रशासन और परिजनों में खुशी का माहौल है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकों की निगरानी में हैं। जानकारी के अनुसार, विकास खंड असोथर के ग्राम कोर्रा कनक निवासी सुधा पत्नी राजेश को तीसरी/चौथी बार प्रसव होना था। पूर्व जांच और चिकित्सकीय परामर्श में गर्भस्थ शिशु का वजन अधिक होने के कारण कुछ चिकित्सकों ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी थी। इसी बीच महिला और उसके परिजनों को एमएम हॉस्पिटल की महिला चिकित्सक डॉ. खुशबू सिंह के अनुभव और सफल प्रसव प्रबंधन की जानकारी मिली, जिसके बाद वह अस्पताल पहुंचीं। डॉ. खुशबू सिंह ने महिला की जांच कर सुरक्षित प्रसव का भरोसा दिलाया और लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा। रविवार को चिकित्सक और अस्पताल स्टाफ की सतर्कता एवं अनुभव के बल पर महिला का सुरक्षित सामान्य प्रसव कराया गया, जिसमें छह किलो वजन की बच्ची का जन्म हुआ। छोटे शहर और सीमित संसाधनों के बीच इतनी अधिक वजन वाली बच्ची का सामान्य प्रसव होना अपने आप में एक असाधारण और चुनौतीपूर्ण मामला माना जा रहा है। इस संबंध में डॉ. खुशबू सिंह ने बताया कि सामान्यतः इतने अधिक वजन वाले शिशु के मामलों में बड़े अस्पतालों में ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया जाता है। महिला के पहले से तीन पुत्र हैं और चौथी बार प्रसव के लिए अस्पताल आई थी। रिपोर्ट्स देखने के बाद यह मामला काफी चुनौतीपूर्ण प्रतीत हो रहा था, लेकिन कुशल स्टाफ, अनुभव और सतर्क चिकित्सकीय देखरेख के चलते सुरक्षित प्रसव संभव हो सका। उन्होंने कहा कि मां और बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और अस्पताल की निगरानी में हैं। सुरक्षित प्रसव के बाद परिजनों ने चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं अस्पताल प्रशासन ने इसे चिकित्सा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए पूरे स्टाफ की सराहना की।