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संघर्षों की तपिश में तपकर निखरा हुनर : अनुभव श्रीवास्तव का हुआ सम्मान, सफलता बनी प्रेरणा का उत्सव

LAKHIMPUR KHERI NEWS:  कभी-कभी परिस्थितियाँ इंसान को रोकने नहीं, बल्कि उसे और मजबूत बनाने के लिए आती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी लिखी है लखीमपुर के होनहार छात्र अनुभव श्रीवास्तव ने, जिसने विषम हालातों के बीच भी अपने सपनों को टूटने नहीं दिया और सीबीएसई हाईस्कूल परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सफलता का उज्ज्वल अध्याय रच दिया। बचपन से ही मेधावी और अनुशासित रहे अनुभव ने ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित जे.एस. कॉन्वेंट स्कूल से अपनी शिक्षा यात्रा की शुरुआत की। प्रारंभिक कक्षाओं में ही उसकी प्रतिभा ने शिक्षकों और साथियों का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के ड्रीम प्रोजेक्ट गौतमबुद्ध बालक इंटर कॉलेज में कक्षा 5 तक उसने न केवल पढ़ाई में उत्कृष्टता हासिल की, बल्कि अपने संस्कारों और व्यवहार से भी सबका प्रिय बना रहा। लखीमपुर आने के बाद अजमानी इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 9 तक पढ़ते हुए अनुभव ने ‘शाइनिंग स्टार’, ‘हाई फ्लायर’ और ‘मास्टर माइंड’ जैसे सेक्शनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किए, और कई सामाजिक संस्थाओं से पुरस्कार भी अर्जित किए। यह केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि उसकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के प्रमाण थे। हाल ही में घोषित हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में 90 प्रतिशत अंक अर्जित कर अनुभव ने अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया। यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि उसके पिता बीते 14 वर्षों से एक गंभीर एवं असाध्य रोग से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे कठिन दौर में भी अनुभव ने अपने लक्ष्य से नजर नहीं हटाई और यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे हर बाधा छोटी पड़ जाती है। अनुभव की इस शैक्षिक यात्रा में सारथी बनी नगर की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था “न्यू साइंस स्टडी प्वाइंट”. गणित, विज्ञान जैसे दुरूह विषयों को छात्रों में रुचिकर बना देने वाले शिक्षक नीरज श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में अनुभव ने यह सफलता का नया आयाम गढ़ा। अनुभव की इस उपलब्धि पर पूरे नगर में हर्ष और गर्व का वातावरण है। वरिष्ठ पत्रकार सर्वेश कुमार शुक्ला और चंद्रशेखर शुक्ला ने उसे स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रांत सह मंत्री एवं सीतापुर जिला संगठन मंत्री लक्ष्मी पांडेय ने स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी विचार  “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो”, के साथ चित्र और साहित्य भेंट कर उसका उत्साहवर्धन किया। यह सम्मान इतिहास संकलन समिति के विभाग संयोजक राजेश दीक्षित के करकमलों से आशीर्वाद स्वरूप प्रदान किया गया। अनुभव का सपना है कि वह भविष्य में कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त कर तकनीकी दुनिया में अपना मुकाम बनाए। उसकी यह उपलब्धि केवल एक छात्र की सफलता नहीं, बल्कि हर उस युवा के लिए संदेश है जो कठिनाइयों के बीच अपने सपनों को साकार करने का साहस रखता है। अनुभव की कहानी यह बताती है, हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों, तो सफलता खुद कदम चूमती है।