डायट ने बीएसए को भेजा पत्र, अभिनव शिक्षण पद्धतियों व श्रेष्ठ शैक्षिक प्रयोगों को साझा करने का अवसर
KAUSHAMBI NEWS: शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने वर्ष 2026-27 के लिए परिषदीय विद्यालयों व शिक्षक शिक्षा संस्थानों से शिक्षा में नवाचार पद्धतियों व प्रयोगों पर आधारित परियोजना प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) मंझनपुर की प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक निधि शुक्ला ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर सभी इच्छुक प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों से प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। डायट की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली द्वारा संचालित “विद्यालयों एवं शिक्षक शिक्षा संस्थानों के लिए शिक्षा में नवाचार पद्धतियों व प्रयोगों को प्रोत्साहन” कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों से उनके अभिनव शिक्षण कार्यों, रचनात्मक प्रयासों व श्रेष्ठ शैक्षिक कार्यप्रणालियों पर आधारित परियोजना प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। डायट प्राचार्य ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों के इच्छुक प्रधानाध्यापक व शिक्षक निर्धारित प्रारूप में अपनी परियोजना तैयार कर उसकी एक हस्ताक्षरित हार्ड प्रति संस्थान प्रमुख के संयुक्त हस्ताक्षर के साथ शीघ्र डायट कार्यालय में उपलब्ध कराएं। कार्यक्रम से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश व आवेदन प्रारूप राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। डायट ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विकासखंडों में इस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकतम शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित कराएं। साथ ही डायट के सभी प्रवक्ताओं, समस्त राज्य संदर्भ समूह (एसआरजी) एवं शैक्षिक संसाधन व्यक्तियों (एआरपी) को भी शिक्षकों को प्रेरित कर अधिकाधिक प्रतिभागिता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रम से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए नोडल प्रवक्ता धीरज कुमार एवं डॉ. वंदना सिंह से संपर्क करने को कहा गया है। डायट प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जनपद के शिक्षक अपने अभिनव शैक्षिक प्रयासों और उत्कृष्ट कार्यों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर जिले को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. कमलेंद्र कुशवाहा ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित कर दिया है।





