KUSHINAGAR NEWS: “डॉ. कभी पेशेंट को लौटाते नहीं थे, चाहे रात के 2 बजे हों।” शुक्रवार को जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विशुनपुरा के चिकित्साधिकारी डॉ. आयुष प्रयागराज स्थित अपनी नई तैनाती के लिए रवाना हुए तो CHC परिसर भावुकता से भर गया। स्थानीय लोगों और अस्पताल स्टाफ ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर अपने चहेते डॉक्टर को सम्मान के साथ विदा किया।
गरीबों का मुफ्त इलाज बनी पहचान
डॉ. आयुष ने अपने कार्यकाल में विशुनपुरा CHC की सूरत बदल दी। समय पर OPD, इमरजेंसी में हमेशा उपलब्धता और मरीजों से पारिवारिक व्यवहार उनकी पहचान बन गया। सबसे बड़ी बात- गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज। इसी वजह से वे इलाके में बेहद लोकप्रिय हो गए थे।
टीम वर्क की मिसाल पेश की
CHC प्रभारी डॉ. जीसान ने विदाई समारोह में कहा, “डॉ. आयुष जी ने टीम वर्क की मिसाल पेश की। इनके नेतृत्व में अस्पताल की कार्यप्रणाली में बहुत सुधार आया। हम इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।” CHC स्टाफ धूरूप शर्मा ने कहा, “डॉ. साहब की ड्यूटी का कोई समय नहीं था। रात-बिरात भी मरीज आ जाए तो इलाज करते थे।” प्रेमलाल ने भी उनके समर्पण और अनुशासन को सराहा।
अप्रेंटिस छात्रों के लिए बने प्रेरणा
CHC में अप्रेंटिस कर रहे सागर, संजय, सूरज व संजना ने बताया कि डॉ. आयुष सिर्फ इलाज नहीं सिखाते थे, बल्कि मरीज से कैसे बात करनी है, ये भी सिखाते थे। “उनकी कार्यशैली हम सबके लिए प्रेरणा है।”
जो समाज की चिंता करे, उसकी चिंता हम करें
स्थानीय निवासी यादव दिलीप ने कहा कि जो डॉक्टर समाज की चिंता करते हैं, उनकी चिंता हमें भी करनी चाहिए। डॉ. आयुष ने विशुनपुरा को अपना परिवार माना, इसलिए आज पूरा विशुनपुरा उन्हें याद कर रहा है। विशुनपुरा की जनता और CHC परिवार ने डॉ. आयुष को नए कार्यस्थल प्रयागराज के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। लोगों का कहना है कि डॉक्टर तो बहुत आएंगे-जाएंगे, पर डॉ. आयुष जैसा समर्पित डॉक्टर मिलना मुश्किल है।







