Home उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना मे घूसखोरी का आरोप डीएम को लिखित शिकायत

प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना मे घूसखोरी का आरोप डीएम को लिखित शिकायत

डीएम के सख्त आदेश के बाद भी नहीं रुक रहा घूसखोरी कही लेखपाल तो कही वार्ड सभाषद कर रहे जाँच के नाम पर वसूली
KUSHINAGAR NEWS: भारत के प्रधानमंत्री ने शहरी आवास योजना की शुरुआत इस लिए की ताकि गरीबो को छत मिल सके और लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिलती रहे लेकिन यह योजना भरस्टाचार की भेंट चढ़ रही है लाभार्थी लिखित प्रार्थना पत्र लेकर डीएम कार्यालय तो जाते है लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
मामला कही और का नहीं खड्डा तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत छीतौनी का है
1- जहाँ के निवासी मुन्ना गोंड पुत्र राम चंदर वार्ड नंबर 7 नगर पंचायत छीतौनी ने कुशीनगर जिलाधिकारी को लिखित प्रार्थना पत्र दिया है और कहा की गरीब आदमी हूं झोपडी और कच्चे दीवाल मे निवास करता हूं उन्होंने आरोप लगाया है कि मेरे वार्ड के सभाषद द्वारा आवास ऑनलाइन होने के बाद उनके द्वारा पास कराने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे है 10 हजार देने के बाद जाँच प्रक्रिया पूरी हुई और फिर 5 हजार रुपया की और मांग की गई है।
2-वही वार्ड नम्बर -7- आजाद नगर निवासिनी वृद्ध महिला हसीना पत्नी हमीद ने डीएम को दिए गए लिखित पत्र मे आरोप लगाया की मेरे सभाषद द्वारा प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ दिलाने के पर पहले ही 10 हजार रुपया ले लिया गया और बोला गया की ये पैसा लेखपाल से लगायत सबको देना होता है पहली किस्त तो मिल गया लेकिन दूसरी किस्त के लिए फिर 10 हजार रूपये की मांग की जा रही है धमकी दिया गया की नहीं दोगी तो दूसरे किस्त के लिए जाँच और भुकतान नही होगा।
3- वही महेन्द्र पुत्र घुरा ने भी वार्ड मेंबर पर आरोप लगाते हुए डीएम को प्रार्थना पत्र दिए है लेकिन लाभार्थी तो जिम्मेदारो को क्षेत्र की समस्या और घूसखोरी को लेकर प्रार्थना पत्र और आवाज तो उठाये जाते है लेकिन कार्रवाई के नाम हाथ कुछ नहीं लगता।
सवाल ये है की कुशीनगर जिले के तेज तर्रार जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने इस मामले मे बैठक के माध्यम से सभी अधिकारियो और लोगो को घुस न लेने और देने को लेकर सख्त आदेश दिए गए थे लेकिन उसके बाद भी उन आदेशों का जमीनी स्तर पर पालन नहीं हुआ आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे और कार्रवाई कब तय होंगी।