राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा, परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
FATEHPUR NEWS: भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने कथित नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पर कार्रवाई की मांग उठाई। ज्ञापन में संगठन ने मीडिया रिपोर्टों और प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित रूप से अवैध तरीके से प्रसारित किया गया। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है। ज्ञापन में कहा गया कि कथित पेपर लीक की खबरों से लाखों परीक्षार्थियों और उनके परिवारों में मानसिक तनाव, असुरक्षा और नाराजगी का माहौल बना है। संगठन का कहना है कि मामले की जांच के लिए एजेंसियों द्वारा कार्रवाई शुरू की गई है, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में व्यापक प्रशासनिक और नीतिगत सुधार भी आवश्यक हैं। मीरा गौतम तथा दिलीप कुमार ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि कथित नीट-यूजी 2026 पेपर लीक प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने, प्रभावित परीक्षार्थियों को मुआवजा देने तथा दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। संगठन ने यह भी मांग की कि परीक्षा संचालन व्यवस्था और निजी अनुबंध प्रणाली की समीक्षा कर परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी सरकारी संस्थानों को सौंपी जाए। इसके अतिरिक्त एनटीए की भूमिका की समीक्षा और उसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। इस दौरान जयचंद्र यादव, मुन्ना लोधी, रंजीत मौर्य, ललिता भारती, वंदना पटेल, डॉ. फूल सिंह लोधी, रामचंद्र मौर्य, रमाकांत मौर्य और कामता लोधी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।







