MIRZAPUR NEWS: (सुनील कुमार गुप्ता) दहेज की मांग पूरी न होने पर बहन की हत्या करने के 11 साल पुराने मामले में मीरजापुर कोर्ट ने 4 लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 8-8 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 3 महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के नेतृत्व में ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत अभियोजन की प्रभावी पैरवी की गई। अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया और डीआईजी विन्ध्याचल परिक्षेत्र पूनम के निर्देशन में महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना कोतवाली देहात के दहेज हत्या मामले में गवाहों को कोर्ट में पेश कर सशक्त पैरवी कराई गई। 20 नवंबर 2014 को मड़ई मड़फा, थाना चुनार निवासी ओम प्रकाश ने थाना को0देहात में तहरीर दी थी कि ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बहन की हत्या कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0-1387/2014 धारा 498ए, 304बी भादवि व 3/4 डीपी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के बाद सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। शनिवार 20 जून 2026 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ऋचा जोशी की कोर्ट ने बरकछा, थाना को0देहात निवासी दिनेश पुत्र नरायन, नरायन पुत्र हरिदास, धनपत्ती पत्नी नरायन और सुरेश पुत्र नरायन को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में एडीजीसी उदय प्रताप सिंह, विवेचक क्षेत्राधिकारी सदर सर्वजीत साही, कोर्ट मुहर्रिर उप निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी, आरक्षी विनोद कुमार गोस्वामी और पैरोकार आरक्षी धीरज कुमार ने प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई।







