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डीएम के दरबार में 9 साल का दर्द, 6 घंटे में मिला इंसाफ: एसडीएम ने मौके पर निपटाया रास्ता विवाद

KUSHINAGAR NEWS: जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर द्वारा डेली जनता दर्शन मे शासन के मंशा अनुरूप सुनवाई किया जाता है उसी दौरान कसया तहसील क्षेत्र से पहुंचे फरियादी राजाराम के गुहार पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने संज्ञान लेते हुए एसडीएम कसया को निस्तारण का निर्देश दिए जिसपर डॉ संतराज सिंह बघेल ने राजस्व नक्शे के अनुसार मुआईना हुआ तो चकमार्ग पर नक़्शे मे कोई रास्ता नहीं था जिसपर फरियादी ने एसडीएम कसया से भी वही बात दोहराते हुए कहा साहब, 9 साल से तहसील-जिले के चक्कर काट रहा हूं, कोई सुनवाई नहीं…” – जनता दर्शन में सोमवार सुबह 10 बजे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के सामने जब फरियादी राजाराम ने अपना दर्द बयां किया, तो डीएम ने तत्काल एक्शन लेते हुए मिसाल पेश कर दी। डीएम के निर्देश पर उप जिलाधिकारी कसया डॉ संतराज सिंह बघेल ने उसी दिन मौके पर पहुंचकर 9 वर्ष पुराने जमीनी विवाद का निपटारा कर दिया।
क्या था मामला: प्रकरण तहसील कसया के राजस्व ग्राम शाखोपरा से जुड़ा है। फरियादी राजाराम ने डीएम को बताया कि उसके नाम दर्ज गाटा संख्या 1055 की भूमि से कुछ दबंग व्यक्ति जबरदस्ती रास्ता निकालना चाहते थे, जबकि राजस्व अभिलेखों में उसकी भूमि से कोई रास्ता दर्ज नहीं है। इस विवाद को लेकर वह विगत 9 वर्षों से तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर लगा रहा था, लेकिन समाधान नहीं निकल पा रहा था।
डीएम का त्वरित एक्शन: फरियादी की व्यथा सुनते ही जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल उप जिलाधिकारी कसया डॉ संतराज सिंह बघेल को दूरभाष पर निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके पर जाकर प्रकरण का निस्तारण सुनिश्चित करें।
6 घंटे में निस्तारण: डीएम के आदेश का पालन करते हुए एसडीएम कसया डॉ संतराज सिंह बघेल राजस्व टीम के साथ ग्राम शाखोपरा पहुंचे। उन्होंने मौके पर राजस्व नक्शे और अभिलेखों का मिलान कराया। जांच में पाया गया कि राजाराम के खेत से कोई रास्ता नहीं गुजरता है। नक्शे में प्रदर्शित चकमार्ग ही वास्तविक रास्ता है। एसडीएम ने तत्काल दबंगों को हिदायत दी और राजस्व नक्शे के अनुसार ही चकमार्ग का सीमांकन कराकर रास्ता बहाल कराया।
मौके पर रहे मौजूद: इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कुशल प्रताप सिंह, हल्का लेखपाल गौरव प्रताप सिंह समेत भारी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
फरियादी की खुशी: 9 साल बाद न्याय मिलने पर फरियादी राजाराम की आंखें भर आईं। उसने जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और एसडीएम कसया डॉ संतराज सिंह बघेल का आभार जताते हुए कहा, “साहब ने एक दिन में वो कर दिखाया जो 9 साल में नहीं हुआ। अब मेरे खेत को कोई नहीं छेड़ेगा।