Home उत्तर प्रदेश एबीसी कार्पेट कंपनी में मजदूरी पर ठेकेदार का पेच,

एबीसी कार्पेट कंपनी में मजदूरी पर ठेकेदार का पेच,

50 से अधिक श्रमिक श्रम विभाग पहुंचे,15 सितंबर को भुगतान का आश्वासन

MIRZAPUR NEWS: (सुनील कुमार गुप्ता)  जिले के नगरा स्थित एबीसी लिमिटेड कार्पेट कंपनी की एक्यूरेट कंपनी में दैनिक मजदूरी पर काम करने वाले 50 से अधिक श्रमिकों ने मजदूरी न मिलने की शिकायत लेकर शुक्रवार को सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय का रुख किया। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा काम कराने के बावजूद डेढ़ महीने से वेतन नहीं दिया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन ने बिना पूर्व सूचना के टीनशेड उखाड़कर काम बंद करा दिया, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया। मजदूर राजेंद्र कुमार ने बताया कि बिना किसी सूचना के काम बंद कर दिया गया। घर पर बाल-बच्चे और परिवार है, अब गुजारा कैसे होगा। कपूर चंद्र भारती ने कहा कि वे ठेकेदार बीबी जैसवाल के अंडर में काम करते थे। कंपनी तोड़ना शुरू होते ही उन्हें निकाल दिया गया। 452 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से डेढ़ महीने का वेतन बकाया है। रमेश कुमार मौर्य ने बताया कि मैनेजर और इंचार्ज ने बिना बताए टीनशेड उखाड़ दिया। ठेकेदार से दो बार बात करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला, इसलिए वे श्रम विभाग आए। मजदूरों की मांग है कि जितने दिन काम बंद है, उतने दिन की मजदूरी भी दी जाए। वे पहले अधिकारी से आश्वासन मिलने के बावजूद फुल एंड फाइनल हिसाब कराने की कोशिश का आरोप लगा रहे हैं। पीड़ित श्रमिकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई है कि मजदूरी दिलवाई जाए, ताकि वे परिवार का पालन-पोषण और बच्चों की पढ़ाई कर सकें। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक श्रम आयुक्त सतीश सिंह ने संबंधित ठेकेदार को बुलाया और मजदूरों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कराई। उन्होंने बताया कि शिकायत पहले भी मिली थी, लेकिन ठेकेदार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके थे। आज दोनों पक्षों की बात सुनी गई। वार्ता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी। ठेकेदार ने 15 सितंबर को मजदूरी भुगतान का आश्वासन दिया, जिस पर मजदूरों ने 15 सितंबर तक इंतजार करने की सहमति दे दी। श्रम विभाग के हस्तक्षेप के बाद मजदूरों को भुगतान की उम्मीद जगी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 15 सितंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो वे फिर से श्रम विभाग का दरवाजा खटखटाएंगे और आगे आंदोलन करेंगे।