SIDHARTHNAGAR NEWS: वैश्विक परिस्थितियों और डीजल आपूर्ति को लेकर सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से फैल रही भ्रामक अफवाहों के बीच जिले में डीजल के अवैध संग्रहण की प्रवृत्ति अचानक बढ़ गई है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में किसान वर्ग बड़ी मात्रा में डीजल खरीदकर घरों और खेतों पर इसका भंडारण करने की कोशिश कर रहा है। इस स्थिति को बेहद गंभीरता से लेते हुए जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने आम जनमानस से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आवश्यकता के अनुसार ही डीजल खरीदने की पुरजोर अपील की है। जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि डीजल जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ का अनियंत्रित और अवैध संग्रहण न केवल कानून का खुला उल्लंघन है, बल्कि इससे किसी भी समय गंभीर अग्निकांड या अन्य जानलेवा दुर्घटनाएं घटित हो सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर सचेत किया कि बिना निर्धारित विधिक अनुमति के बड़ी मात्रा में ईंधन का भंडारण करना पेट्रोलियम अधिनियम के तहत एक गंभीर और दंडनीय अपराध है, जिसके खिलाफ जिला प्रशासन बेहद सख्त रुख अपनाएगा। कुछ क्षेत्रों से लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि आपूर्ति प्रभावित होने की निराधार आशंका के चलते लोग जरूरत से ज्यादा डीजल का स्टॉक कर रहे हैं, जो कि पूरी तरह गलत है। उन्होंने आगे कहा कि यह जमाखोरी की प्रवृत्ति बाजार में कृत्रिम संकट उत्पन्न कर सकती है, जिससे अन्य जरूरतमंद उपभोक्ताओं और वास्तविक किसानों के लिए अनावश्यक परेशानी खड़ी हो जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी ने जनपदवासियों को आश्वस्त किया कि जिले में पेट्रोलियम उत्पादों की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार आपूर्ति की निगरानी कर रहा है और सभी तेल कंपनियों व संबंधित एजेंसियों के जीवंत संपर्क में है। आम जनता को किसी भी तरह की घबराहट या पैनिक में आने की कतई आवश्यकता नहीं है। यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से डीजल का संग्रहण या कालाबाजारी करते हुए पकड़ा गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे ईंधन संबंधी किसी भी समस्या या जमाखोरी की जानकारी तत्काल पूर्ति विभाग को दें।







