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कलेक्ट्रेट के औचक निरीक्षण में डीएम का बड़ा चाबुक, अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन रोका

SIDHARTHNAGAR NEWS: सरकारी दफ्तरों में कार्य संस्कृति को सुधारने और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाया। जिलाधिकारी ने पूर्वाश्रम 10 बजकर 20 मिनट पर कलेक्ट्रेट परिसर के विभिन्न पटलों का औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान समय से दफ्तर न पहुंचने वाले और अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व दर्जनों कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय के विभिन्न पटलों, राजस्व अभिलेखागार, आंग्ल अभिलेखागार, जुडिशियल अभिलेखागार, आपदा कार्यालय, एलआरसी कक्ष, उपजिलाधिकारी न्यायिक कक्ष, प्रोबेशन कार्यालय, पिछड़ा वर्ग कार्यालय, कोषागार, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कार्यालय और आबकारी अधिकारी कार्यालय का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान एलआरसी कक्ष का जायजा लेते हुए उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि कृषक दुर्घटना बीमा योजना का कोई भी प्रकरण किसी भी दशा में लंबित न रहे। उन्होंने समस्त कार्यालयाध्यक्षों को अपने-अपने विभागों में साफ-सफाई की उत्तम व्यवस्था रखने और पत्रावलियों का सुव्यवस्थित रख-रखाव करने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान कलेक्ट्रेट के विभिन्न विभागों में भारी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने कार्यालय से नदारद रहने पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक ज्ञान प्रकाश, नायब तहसीलदार प्रतीक्षा मौर्या, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजन, सांख्यिकी अधिकारी कलेक्ट्रेट और ड्रग इंस्पेक्टर को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इसके अलावा ईआरके, आरए, जेए, खान निरीक्षक, आरआरके पटल के सुजीत कुमार श्रीवास्तव, शैलेंद्र व ध्रुव तिवारी समेत एसएलओ कार्यालय के चार कर्मचारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का एक, कोषागार के दो, संयुक्त कार्यालय के तीन, खाद्य सुरक्षा विभाग के दो और भू-लेख विभाग का एक कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिला। जिलाधिकारी ने इन सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन अवरुद्ध करने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि सभी अधिकारी और कर्मचारी शासन की मंशानुरूप समय से कार्यालय में उपस्थित होकर शासकीय कार्यों का निष्ठापूर्वक संपादन करें, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि शासन के आदेशानुसार रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहें और जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। इस औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ कलेक्ट्रेट के नाजिर पुरुषोत्तम लाल श्रीवास्तव मुख्य रूप से मौजूद रहे।