जनपद के 420 अनुदेशकों को मिलेगा बढ़े मानदेय का लाभ, सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया संबल
JHANSI NEWS: गांव के सरकारी स्कूलों में बच्चों को खेल, कला, कंप्यूटर और गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा से जोड़ने वाले अंशकालिक अनुदेशकों के लिए रविवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। प्रदेश सरकार द्वारा उनका मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा के बाद जनपद के अनुदेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में प्रत्येक विकास खंड से चयनित अंशकालिक अनुदेशकों को सम्मानित कर चेक वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि की घोषणा की। घोषणा होते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कई अनुदेशक इस ऐतिहासिक पल को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए। मुख्यमंत्री द्वारा अनुदेशकों एवं उनके परिवारजनों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की घोषणा भी की गई।
प्रदेश सरकार के गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने लाभार्थियों को चेक वितरित करते हुए कहा कि गांव के बच्चों को नई दिशा देने में अनुदेशकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि खेल, कला, कार्य शिक्षा और कंप्यूटर जैसी गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को मजबूत करती हैं।
कार्यक्रम में आर.पी. निरंजन ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर अवसर और आधुनिक शिक्षा वातावरण उपलब्ध कराने में अनुदेशक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मानदेय बढ़ने से उनका मनोबल बढ़ेगा और इसका सकारात्मक असर बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों के वातावरण पर दिखाई देगा।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षक और अनुदेशक दोनों ही अहम कड़ी हैं। जब शिक्षा से जुड़े लोगों को सम्मान और आर्थिक संबल मिलता है तो उसका सीधा सकारात्मक प्रभाव बच्चों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर अब समाज का भरोसा भी बढ़ा रही है और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
कार्यक्रम में “विकसित उत्तर प्रदेश, शिक्षित उत्तर प्रदेश” थीम पर आधारित विशेष फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं, स्कूलों में बढ़ती सुविधाओं और शिक्षकों-अनुदेशकों के योगदान को दर्शाया गया। फिल्म देखकर कई अनुदेशक भावुक भी नजर आए।
अंशकालिक अनुदेशकों ने बताया कि पहले सीमित मानदेय में परिवार और स्कूल की जिम्मेदारियों को निभाना कठिन होता था, लेकिन अब राहत मिलेगी। उनके अनुसार बढ़ा हुआ मानदेय केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि उनके कार्य के प्रति सरकार के विश्वास और सम्मान का प्रतीक है। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा अधिकारी विपुल शिव सागर ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा बताया कि जनपद में 420 अनुदेशक कार्यरत हैं, जिन्हें बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, जिला विद्यालय निरीक्षक रति वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विपुल शिव सागर सहित विभिन्न अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।







