Home उत्तर प्रदेश NMMS में चमके 105 मेधावी, डायट सभागार में हुआ सम्मान समारोह

NMMS में चमके 105 मेधावी, डायट सभागार में हुआ सम्मान समारोह

KAUSHAMBI NEWS: राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMS) 2026 में चयनित जनपद के 105 मेधावी छात्र-छात्राओं का सोमवार को डायट सभागार मंझनपुर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मेधावियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। पूरे समारोह के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट, उत्साह और प्रेरणादायी नारों से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेरक पंक्तियों और छात्रों के उत्साहवर्धन के साथ हुआ। मंच से जब यह पंक्तियां सुनाई गईं कि “गर्मी जून में होती होगी, गर्मी ऊन में होती होगी, लेकिन असली गर्मी इन छात्रों के जुनून में होती है”, तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। मेधावियों के चेहरे पर सफलता की चमक साफ दिखाई दे रही थी। इस मौके पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं NMMS नोडल डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि यह सफलता केवल छात्रवृत्ति प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, संघर्ष और मेहनत की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे भी अपनी प्रतिभा और लगन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं। उन्होंने छात्रों से लक्ष्य तय कर निरंतर अध्ययन और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं डायट प्राचार्य निधि शुक्ला ने कहा कि कठिन परिश्रम और सीखने की निरंतर इच्छा ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हो रहे छात्र-छात्राएं जिले के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे। उन्होंने शिक्षकों से भी बच्चों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित एसआरजी डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास की होती है। उन्होंने कहा कि NMMS जैसी परीक्षाएं आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली बच्चों के लिए आगे बढ़ने का मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि सफलता पाने के बाद भी सीखना बंद न करें, क्योंकि निरंतर मेहनत ही उन्हें बड़े मुकाम तक पहुंचाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के शिक्षकों और एआरपी टीम ने गांव-गांव जाकर बच्चों को तैयार करने का कार्य किया है, जिसका परिणाम आज पूरे जनपद के सामने है। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले वर्ष कौशांबी से चयनित छात्रों की संख्या और अधिक होगी।
समारोह के दौरान मेधावियों को मंच पर बुलाकर प्रमाण-पत्र दिए गए और उनके सम्मान में जोरदार तालियां बजाई गईं। कई छात्र-छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और अभिभावकों को दिया। बच्चों के लिए विशेष जलपान की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे कार्यक्रम में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। कार्यक्रम के सफल संचालन में जनपदीय नोडल चंद्र वली रैना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं विभिन्न ब्लॉकों के एआरपी शिक्षकों ने बच्चों को परीक्षा की तैयारी कराने में अहम योगदान दिया। समारोह के दौरान “बढ़े चलो, पढ़े चलो, कौशांबी का नाम रोशन करे चलो” और “लक्ष्य ओझल होने न पाए, कदम मिलाकर चल” जैसे प्रेरक नारों से सभागार गूंजता रहा।
अंत में अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने अगले वर्ष चयनित छात्रों की संख्या 105 से अधिक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और मेधावियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ।