श्रद्धा स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने आरोपों को नकारा, संचालक बोले
झांसी । श्रद्धा स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मरीज के उपचार और बिल को लेकर लगाए गए आरोपों पर अस्पताल संचालक राजकुमार तिवारी ने अपना पक्ष रखते हुए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि मरीज को अस्पताल में भर्ती कर नियमानुसार उपचार उपलब्ध कराया गया और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद छुट्टी दी गई। संचालक के अनुसार, अस्पताल और दवाओं का दो दिनों का बिल लगभग 41 हजार रुपये था, जबकि मरीज के परिजनों की ओर से 80 हजार रुपये वसूलने के आरोप लगाए गए हैं।
अस्पताल संचालक राजकुमार तिवारी ने बताया कि मरीज लक्ष्मी केवट, पत्नी कैलाश केवट, निवासी धर्मपुरा, निवाड़ी को 2 अक्टूबर को श्रद्धा स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनके मुताबिक, मरीज की डिलीवरी निवाड़ी स्थित स्वास्थ्य केंद्र में हुई थी। डिलीवरी के दौरान बच्चेदानी फट जाने के कारण मरीज को रक्तस्राव की समस्या हो रही थी। इसके बाद परिजन बेहतर उपचार के लिए उन्हें श्रद्धा स्पेशलिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे।
संचालक का कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए आवश्यक उपचार किया गया। अस्पताल में 2 अक्टूबर को भर्ती होने के बाद 4 अक्टूबर को मरीज को छुट्टी दी गई। उन्होंने दावा किया कि उपचार के बाद मरीज के स्वास्थ्य में सुधार हुआ था और इसी आधार पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
राजकुमार तिवारी ने परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अस्पताल में मरीज का दो दिनों तक उपचार किया गया था। अस्पताल और दवाओं का कुल बिल लगभग 41 हजार रुपये था। ऐसे में 80 हजार रुपये वसूलने का आरोप सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोपों से अस्पताल की प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अस्पताल संचालक के अनुसार, मरीज के परिजन उपचार और अस्पताल की सेवाओं को लेकर पहले लिखित पत्र भी दे चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी अन्य व्यक्ति के बहकावे में आकर अस्पताल की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
संचालक राजकुमार तिवारी ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन का उद्देश्य मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने मामले में लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए अपना पक्ष सार्वजनिक किया और कहा कि पूरे प्रकरण को तथ्यों एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर देखा जाना चाहिए।