कान्हा उपवन में विद्यार्थियों ने जाना गोवंश संरक्षण का महत्व पारंपरिक कृषि पद्धतियों और गोबर से बनने वाले उत्पादों की ली जानकारी
झांसी। नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा उपवन गोवंश संरक्षण केंद्र में रविवार को शारदा डिग्री कॉलेज एवं क्षेत्रीय इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को भारतीय गोवंश की उपयोगिता, उसकी समृद्ध परंपरा तथा संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व से अवगत कराया गया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बैलगाड़ी, रहट, बैल चालित कोल्हू और खेतों की जुताई में प्रयुक्त होने वाले हल जैसे पारंपरिक साधनों को देखा। उन्हें बताया गया कि प्राचीन समय में ये साधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा थे। विद्यार्थियों ने गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी देशी गोवंश की नस्लों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की तथा देशी और विदेशी नस्लों की विशेषताओं को समझा।
छात्र-छात्राओं ने गोबर से वर्मी कंपोस्ट यानी केंचुआ खाद, पर्यावरण अनुकूल दीपक और मूर्तियां बनाने की प्रक्रिया भी देखी। इसके माध्यम से उन्हें गोबर के सदुपयोग, पर्यावरण संरक्षण और स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी मिली।
भ्रमण के अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने महापौर बिहारी लाल आर्य और नगर आयुक्त अन्ना सुदन के निर्देशन में नगर निगम द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा नगर निगम प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।