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सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न होगी पूरी प्रक्रिया, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी अनिवार्य

आगामी विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों के दृष्टिगत 12 अक्टूबर 2026 से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम)—जिनमें कंट्रोल यूनिट (सीयू), बैलट यूनिट (बीयू) और वीवीपीएटी शामिल हैं—की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुरू की जाएगी। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्माता कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अभियंता नामित किए जा चुके हैं। जिले के कुल 2,239 मतदेय स्थलों के सापेक्ष 135 प्रतिशत मशीनों की जांच कराई जाएगी। पूरी प्रक्रिया जिला निर्वाचन कार्यालय में सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में आयोजित होगी। इस संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विस्तृत जानकारी साझा की गई और उनसे प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहने के लिए अपने प्रतिनिधियों को नामित करने का आग्रह किया गया।
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