सभी कार्यक्रमों का समापन माता रानी के जयकारों, आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। बड़ागांव ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के कथित अमर्यादित बयान पर सपा महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव ने जताई कड़ी नाराजगी
झांसी। समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव रेखा यादव ने बड़ागांव ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि की ओर से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता के संबंध में कथित तौर पर की गई अमर्यादित टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी भी नेता के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने इसे ओछी राजनीति करार देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपनी भाषा और व्यवहार की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
रेखा यादव ने कहा कि नेता जी को शेर नहीं, गीदड़ बताने जैसी टिप्पणी करना राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत है। विचारों और नीतियों के आधार पर विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति में असहमति हो सकती है, मगर भाषा ऐसी होनी चाहिए जिससे समाज में स्वस्थ राजनीतिक संवाद की परंपरा मजबूत हो।
सपा महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के नेता के प्रति इस तरह की टिप्पणी करना संबंधित व्यक्ति की राजनीतिक सोच और संस्कारों को दर्शाता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता और कार्यकर्ता नेताओं के काम, विचारों तथा नीतियों के आधार पर उनका मूल्यांकन करते हैं। ऐसे में अपमानजनक शब्दों का सहारा लेने के बजाय विकास, जनसमस्याओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए।
रेखा यादव ने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी में मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों का समाज पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक पदाधिकारियों को सोच-समझकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को व्यक्तिगत कटाक्ष और अपमान का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के सम्मान के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाती रहेगी। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। उन्होंने संबंधित बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जनता भी इस तरह की भाषा और राजनीतिक व्यवहार का आकलन करती है।