लक्ष्य से अधिक पौधरोपण, गंगा संरक्षण और एसटीपी निर्माण की डीएम ने की समीक्षा 04 नवंबर को आयोजित होगा गंगा उत्सव-2026, बंदरों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए बनेगी प्रभावी कार्ययोजना
भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण, जिला गंगा एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें पर्यावरण संरक्षण, गंगा की स्वच्छता, जल प्रदूषण नियंत्रण और पौधरोपण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और आपसी समन्वय से निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि वर्षाकाल 2026 में जनपद को 14,44,700 पौधरोपण का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 14,47,000 पौधे रोपित किए गए। इनमें वन विभाग के 3,48,000 तथा 22 अन्य विभागों के 10,99,000 पौधे शामिल हैं। इस प्रकार लक्ष्य से 2,300 अधिक पौधरोपण किया गया। जनपद में 2,630 स्थलों पर हुए पौधरोपण का स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, डीघ एवं अभोली विकासखंड में नई पौधशालाओं की स्थापना के लिए न्यूनतम एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।
जिला गंगा समिति की बैठक में गंगा में गिरने वाले झिरियाध्गोपीगंज नाले के जल की गुणवत्ता, प्रदूषण के कारणों तथा औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट जल के शोधन की स्थिति की समीक्षा की गई। जनपद में चिह्नित 27 आर्द्रभूमियों में समधाताल को अधिसूचित किए जाने की जानकारी दी गई। शेष 26 आर्द्रभूमियों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। गंगा नदी के स्थापना दिवस पर 04 नवंबर को गंगा उत्सव-2026 के तहत गंगा आरती, दीपदान, वेदपाठ, घाटों की सफाई, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रंगोली, चित्रकला, निबंध एवं दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
वहीं, बंदरों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं एवं मानव-बंदर संघर्ष की रोकथाम के लिए गठित जनपद स्तरीय समिति की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा मामदेवपुर एवं नई बाजार नाले के लिए 17 एमएलडी, चैरी नाले के लिए 3 एमएलडी तथा बरबसपुर नाले के लिए 5 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। 17 एमएलडी एसटीपी की स्थापना में आ रही बाधाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में वरुणा एवं मोरवा नदियों में गिरने वाले नालों के बायोरिमेडिएशन तथा गंगा की अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम जल गुणवत्ता की रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण, गंगा की निर्मलता और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में बताया गया कि वर्षाकाल 2026 में जनपद को 14,44,700 पौधरोपण का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 14,47,000 पौधे रोपित किए गए। इनमें वन विभाग के 3,48,000 तथा 22 अन्य विभागों के 10,99,000 पौधे शामिल हैं। इस प्रकार लक्ष्य से 2,300 अधिक पौधरोपण किया गया। जनपद में 2,630 स्थलों पर हुए पौधरोपण का स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, डीघ एवं अभोली विकासखंड में नई पौधशालाओं की स्थापना के लिए न्यूनतम एक हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।
जिला गंगा समिति की बैठक में गंगा में गिरने वाले झिरियाध्गोपीगंज नाले के जल की गुणवत्ता, प्रदूषण के कारणों तथा औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट जल के शोधन की स्थिति की समीक्षा की गई। जनपद में चिह्नित 27 आर्द्रभूमियों में समधाताल को अधिसूचित किए जाने की जानकारी दी गई। शेष 26 आर्द्रभूमियों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। गंगा नदी के स्थापना दिवस पर 04 नवंबर को गंगा उत्सव-2026 के तहत गंगा आरती, दीपदान, वेदपाठ, घाटों की सफाई, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रंगोली, चित्रकला, निबंध एवं दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
वहीं, बंदरों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं एवं मानव-बंदर संघर्ष की रोकथाम के लिए गठित जनपद स्तरीय समिति की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा मामदेवपुर एवं नई बाजार नाले के लिए 17 एमएलडी, चैरी नाले के लिए 3 एमएलडी तथा बरबसपुर नाले के लिए 5 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। 17 एमएलडी एसटीपी की स्थापना में आ रही बाधाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में वरुणा एवं मोरवा नदियों में गिरने वाले नालों के बायोरिमेडिएशन तथा गंगा की अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम जल गुणवत्ता की रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण, गंगा की निर्मलता और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।