लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी — जिलाधिकारी राजस्व कार्यों, न्यायालय में लंबित वादों, आईजीआरएस एवं राजस्व वसूली की डीएम ने की समीक्षा स्वामित्व योजना
कुशीनगर -: आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों, न्यायालयों में लंबित वादों, आईजीआरएस, राजस्व वसूली एवं अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं, लंबित वादों के निस्तारण, जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा राजस्व वसूली की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने तथा अंश निर्धारण की प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की गहन जांच कर सभी पात्र किसानों एवं उनके आश्रितों को बिना किसी अनावश्यक विलंब के नियमानुसार लाभान्वित करने पर जोर दिया।
रियल टाइम खतौनी से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अभिलेखों के अद्यतीकरण की प्रक्रिया में पूर्ण शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों में शुद्धता बनाए रखना और संबंधित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करना अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जीएसटी, बैंक देय, विद्युत देय, परिवहन एवं खनन सहित विभिन्न विभागों से संबंधित बकाया धनराशि की नियमित एवं प्रभावी समीक्षा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरसी के माध्यम से की जाने वाली वसूली में अमीनों की कार्यप्रणाली पर सतर्क निगरानी रखी जाए तथा वसूली की प्रगति की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय से प्राप्त किए जा सकें।
न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 24 के अंतर्गत पैमाइश एवं सीमांकन, धारा 67 के अंतर्गत अतिक्रमण एवं अनधिकृत कब्जे से संबंधित मामलों तथा धारा 116 के अंतर्गत कुर्रा एवं बंटवारे से संबंधित वादों सहित अन्य लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेश एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पैमाइश के उपरांत पत्थर नसब किए जाने के बाद यदि कोई व्यक्ति पत्थर उखाड़ता है या उसमें छेड़छाड़ करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में लंबित न रहने पाए। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए शिकायतों का प्रभावी समाधान करने पर विशेष जोर दिया।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं पटल सहायकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित पटल सहायक उपस्थित रहे।