Jhansi
जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने किसान फील्ड डे आयोजित
झांसी। गुरसराय विकासखंड के ग्राम भड़ोखर में प्रगतिशील बुंदेलखंड किसान उत्पादक संगठन के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह के खेत पर किसान फील्ड डे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब 125 किसानों ने सहभागिता की। आयोजन में प्रशिक्षु सोनपाल एवं दिनेश ने भी सक्रिय सहयोग किया।
कार्यक्रम में संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. विपिन बिहारी द्विवेदी, भूमि संरक्षण अधिकारी भावना नागल, जिला सहयोगी संदीप घोष, सहायक विकास अधिकारी कृषि जनवेंद्र सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ दीपक कुशवाहा सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ एवं अधिकारी मौजूद रहे। एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेज की टीम से नरेंद्र सिन्हा, संजीव शर्मा एवं अनिल शर्मा तथा अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान से पिंकू सिंह ने किसानों को उपयोगी जानकारी दी।
कार्यक्रम में किसानों को जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के महत्व के साथ फसल विविधीकरण, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, कृषि लागत में कमी और आय बढ़ाने के उपाय बताए गए। किसानों को खेती की लाभप्रदता का आकलन करने तथा आय के नए अवसर समझने के लिए किसान गणना प्रणाली और एकीकृत कृषि प्रणाली का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
अनिल शर्मा ने किसानों को आधुनिक कीट प्रबंधन तकनीकों के तहत सौर जाल, फेरोमोन जाल सहित विभिन्न जैविक एवं समेकित कीट प्रबंधन उपायों की जानकारी दी। वहीं संजीव शर्मा ने कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन, बाजार से जुड़ाव और उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के तरीकों पर प्रकाश डाला।
इस दौरान किसानों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याएं एवं जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के समक्ष रखीं, जिनका समाधान बताते हुए आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए गए। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किसानों से टिकाऊ एवं लागत प्रभावी खेती अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम किसानों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी साबित हुआ।
कार्यक्रम में संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. विपिन बिहारी द्विवेदी, भूमि संरक्षण अधिकारी भावना नागल, जिला सहयोगी संदीप घोष, सहायक विकास अधिकारी कृषि जनवेंद्र सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ दीपक कुशवाहा सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ एवं अधिकारी मौजूद रहे। एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेज की टीम से नरेंद्र सिन्हा, संजीव शर्मा एवं अनिल शर्मा तथा अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान से पिंकू सिंह ने किसानों को उपयोगी जानकारी दी।
कार्यक्रम में किसानों को जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के महत्व के साथ फसल विविधीकरण, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, कृषि लागत में कमी और आय बढ़ाने के उपाय बताए गए। किसानों को खेती की लाभप्रदता का आकलन करने तथा आय के नए अवसर समझने के लिए किसान गणना प्रणाली और एकीकृत कृषि प्रणाली का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
अनिल शर्मा ने किसानों को आधुनिक कीट प्रबंधन तकनीकों के तहत सौर जाल, फेरोमोन जाल सहित विभिन्न जैविक एवं समेकित कीट प्रबंधन उपायों की जानकारी दी। वहीं संजीव शर्मा ने कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन, बाजार से जुड़ाव और उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के तरीकों पर प्रकाश डाला।
इस दौरान किसानों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याएं एवं जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के समक्ष रखीं, जिनका समाधान बताते हुए आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए गए। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किसानों से टिकाऊ एवं लागत प्रभावी खेती अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम किसानों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी साबित हुआ।