इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SC/ST एक्ट में पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR का आदेश किया निरस्त मुकदमे कि पैरवी अधिवक्ता शशांक कुमार व राम प्रवेश यादव ने कि
प्रयागराज। शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनपद महराजगंज के थाना घुघली में तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने के विशेष कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति संतोष राय की एकल पीठ ने CRLA No. 8381/2026 - राकेश कुमार यादव बनाम शीला व अन्य में यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। मुकदमे में अपीलकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शशांक कुमार एवं अधिवक्ता राम प्रवेश यादव ने प्रभावी पैरवी की अधिवक्ताओं की दलीलों को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने माना कि विशेष कोर्ट का आदेश बिना न्यायिक मस्तिष्क के प्रयोग के पारित किया गया था। क्या था पूरा मामला मामला थाना घुघली के ग्राम बसंतपुर का है। शिकायतकर्ता शीला और अंजू ने आरोप लगाया था कि 6 जून 2026 की रात SI राकेश कुमार यादव, कांस्टेबल अमित कुमार व अन्य पुलिसकर्मी बिना महिला पुलिस के घर में घुस गए और जातिसूचक टिप्पणी व शाति भंग किया। इस पर विशेष न्यायाधीश SC/ST एक्ट, महराजगंज ने 11 अगस्त 2026 को FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। अधिवक्ताओं की दलील पर हाईकोर्ट की टिप्पणी अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि उसी घटना को लेकर पहले से दो क्रॉस केस अपराध संख्या 126/2026 व 127/2026 दर्ज हैं, जिनके विवेचक स्वयं SI राकेश यादव हैं। शिकायतकर्ता उन्हीं मुकदमों के पक्षकारों की रिश्तेदार हैं और यह कार्यवाही बदले की भावना से की गई है। साथ ही पुलिस PRV-112 कॉल पर शांति व्यवस्था के लिए मौके पर गई थी। इस पर सहमति जताते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 173 (4) BNSS में FIR का आदेश देने की शक्ति नहीं है, यह शक्ति धारा 175 (3) BNSS में है और लोकसेवकों के विरुद्ध इसका प्रयोग करते समय सुप्रीम कोर्ट के भजन लाल, अनिल कुमार और प्रियंका श्रीवास्तव के सिद्धांतों का पालन जरूरी है, जो विशेष कोर्ट ने नहीं किया।