अमेठी में 6 सूत्रीय मांगो को लेकर भाकियू अराजनैतिक ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
अमेठी में किसानों की समस्याओं और खेती की बढ़ती लागत को लेकर आज शुक्रवार की दोपहार भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने अमेठी तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन ने एसडीएम पंकज मिश्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को छह सूत्रीय मांगपत्र भेजकर किसानों की समस्याओं के समाधान और उनके हित में प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष हरीश उर्फ चुन्नू सिंह की ओर से 16 अक्टूबर को भेजे गए मांगपत्र में कहा गया है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। डीजल, खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर बढ़ते खर्च से किसान आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना जरूरी है।
किसान यूनियन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 5 हजार रुपये और गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही किसानों को उपज का उचित मूल्य और बकाया भुगतान दिलाने की बात कही गई है।
मांगपत्र में बेमौसम बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से धान, मक्का, मूंग सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की गई है। इसके अलावा किसानों को समय पर सस्ते और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने तथा आलू की लागत के अनुरूप उचित मूल्य दिलाने की मांग उठाई गई है। जरूरत पड़ने पर आलू की सरकारी खरीद व्यवस्था शुरू करने की भी अपील की गई है।
यूनियन ने बटाई और मौखिक समझौते पर खेती करने वाले किसानों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं और राहत का लाभ देने की मांग की। साथ ही यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री तथा खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने की बात कही गई है।
संगठन ने मुख्यमंत्री से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की अपील की है।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष हरीश उर्फ चुन्नू सिंह की ओर से 16 अक्टूबर को भेजे गए मांगपत्र में कहा गया है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। डीजल, खाद, बीज, सिंचाई और मजदूरी पर बढ़ते खर्च से किसान आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना जरूरी है।
किसान यूनियन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 5 हजार रुपये और गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की है। साथ ही किसानों को उपज का उचित मूल्य और बकाया भुगतान दिलाने की बात कही गई है।
मांगपत्र में बेमौसम बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से धान, मक्का, मूंग सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की गई है। इसके अलावा किसानों को समय पर सस्ते और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने तथा आलू की लागत के अनुरूप उचित मूल्य दिलाने की मांग उठाई गई है। जरूरत पड़ने पर आलू की सरकारी खरीद व्यवस्था शुरू करने की भी अपील की गई है।
यूनियन ने बटाई और मौखिक समझौते पर खेती करने वाले किसानों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं और राहत का लाभ देने की मांग की। साथ ही यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री तथा खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने की बात कही गई है।
संगठन ने मुख्यमंत्री से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की अपील की है।